भारत के दुश्मन ने किया इंजीनियरिंग चमत्कार, मिट्टी को जमाकर बना दी विशाल बर्फ की दीवार
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China Engineering: यांग्त्जी रिवरु चीन की सबसे लंबी नदी है और इसके नीचे 6.4 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है.
Last updated on - January 11, 2026 9:46 AM IST
By Vineet Sharan
| Edited by Vineet Sharan
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6.4 किलोमीटर लंबी परियोजना पर खतरा
China Engineering: चीन के इंजीनियरों का एक बड़ा प्रयोग सफल रहा है. यह सब कुछ शुरू हुआ एक नाकामी से, जब फरवरी 2023 में 6.4 किलोमीटर लंबी जियांगयिन-जिंगजियांग यांग्त्जी रिवर टनल परियोजना पर संकट मंडराने लगा.
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अटक गई थी लाखों डॉलर की टीबीएम
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक पानी के बहुत ज़्यादा दबाव में लाखों डॉलर की कीमत वाली शील्ड टनल मशीन (एक प्रकार की टनल बोरिंग मशीन) खुदाई करते-करते नीचे फंस गई. मशीन को बाहर निकालना संभव नहीं था और न उसकी मरम्मत हो सकती थी. यह मशीन 54 मीटर (177 फीट) की गहराई पर रुकी और मशीन का डायमीटर 16 मीटर था.
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दूसरी ओर से शुरू हुई खुदाई
चीन के इंजीनियर के समाधान के लिए नदी के दूसरे छोर से दूसरी टीबीएम से खुदाई शुरू की. बुधवार को सरकारी मीडिया के मुताबिक, दोनों TBMs यांग्त्ज़ी नदी के तल के नीचे मिल गईं. दोनों के बीच सिर्फ 2 मिलीमीटर (0.078 इंच) की दूरी थी और यह सब कुछ बिना किसी गलती के हुआ.
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सबसे बड़ा खतरा था मिट्टी ढहने का
यह घटना यांग्त्ज़ी के मुख्य शिपिंग चैनल के ठीक नीचे हुई. ज़मीन में इस जगह पर पानी का दबाव 0.76 मेगापास्कल के करीब है. इसलिए टनल की खुदाई करते समय मिट्टी ढहने का काफी खतरा था.
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बनाई बर्फ की दीवार
चाइनीज एकेडमी ऑफ़ इंजीनियरिंग के चेन शियांगशेंग के अनुसार, पानी को कंट्रोल करने का सबसे अच्छा तरीका उसे फ़्रीज़ करना है. चेन, जो आर्टिफिशियल ग्राउंड फ़्रीज़िंग पर इंजीनियरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए ज़िम्मेदार थे, ने पहले ग्राउट, फिर फ़्रीज़ तरीका सुझाया. मजदूरों ने मिट्टी में ग्राउट डालने के लिए STM के अंदर से 363 पाइप ड्रिल किए. फिर उन्होंने फ़्रीज़िंग पाइप लगाए, जिससे कंस्ट्रक्शन जॉइंट को सुरक्षित करने के लिए माइनस 13 डिग्री के औसत तापमान वाली 3.9-मीटर मोटी जमी हुई मिट्टी की दीवार बनी. यह एक आइस बैरियर था. इस कामयाबी ने एक बड़े प्रोजेक्ट को बचा लिया जो वरना शायद खत्म हो जाता.
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आखिरी कदम
आखिरी ज़रूरी कदम बड़े STM को अलग करना था. आमने-सामने ब्लॉक होने के कारण उन्हें साबुत नहीं निकाला जा सकता था. हर 16-मीटर की मशीन को लगभग 2,000 टुकड़ों में काटा गया, जिनमें से हर एक का वज़न लगभग एक टन था.
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कितना अहम है ये प्रोजेक्ट चीन के लिए
बता दें कि यह चीन के पूर्वी जियांग्सू प्रांत में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिसे डुअल सिक्स-लेन हाईवे स्टैंडर्ड के तहत दो इंडस्ट्रियल ज़ोन को जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है. (photo credit AI, for representation only)