चीन ने बनाया मिनी गर्भ थ्री-डी मॉडल, बच्चे पैदा करना नहीं, तो फिर क्या है मकसद

चीन ने बनाया मिनी गर्भ थ्री-डी मॉडल, बच्चे पैदा करना नहीं, तो फिर क्या है मकसद

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Mini Womb 3D Model: चीन और अमेरिका की यूनिवर्सिटीज और मेडिकल सेंटर्स के रिसर्चर्स वाली टीम ने कहा, यह सिस्टम इंसानी इम्प्लांटेशन और शुरुआती पोस्ट-इम्प्लांटेशन डेवलपमेंट की मुख्य घटनाओं को सफलतापूर्वक दोहराता है.

Published date india.com Last updated on - January 11, 2026 10:57 AM IST

email india.com By Vineet Sharan email india.com twitter india.com | Edited by Vineet Sharan email india.com twitter india.com

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चिप पर मिनी गर्भ

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Mini Womb 3D Model: चीन के वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला मिनी गर्भ बनाया है जो एक चिप पर है. यह किसी महिला के गर्भ के थ्री डी मॉडल की तरह काम करता है. दावा है कि यह गर्भाश्य में किसी इंसानी भ्रूण के पहली बार पहुंचने की पूरी स्थिति को हूबहू कॉपी कर सकता है.

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किसकी खोज

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साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज इंस्टीट्यूट ऑफ जूलॉजी के रिसर्चर्स के नेतृत्व वाली टीम ने कहा कि इंसानी इम्प्लांटेशन को बेहतर ढंग से समझना बहुत जरूरी है, लेकिन यह नैतिक पाबंदियों और इंसानी भ्रूण तक सीमित पहुंच के कारण मुश्किल है. 23 दिसंबर को पीयर-रिव्यूड जर्नल सेल में पब्लिश एक पेपर में टीम ने कहा,इस पर काबू पाने के लिए, हमने इंसानी ब्लास्टोइड्स या ब्लास्टोसिस्ट्स का इस्तेमाल करके एक 3D इन-चिप इम्प्लांटेशन मॉडल डेवलप किया. इसे बायोइंजीनियर्ड इंसानी एंडोमेट्रियल टिश्यू, जिसे एंडोमेट्रियोइड कहा जाता है, के साथ को-कल्चर किया गया.

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क्या होता है ब्लास्टोसिस्ट

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ब्लास्टोसिस्ट पांच से छह दिन पुराने भ्रूण होते हैं जिनमें 100 से 200 तेजी से डिवाइड होने वाली कोशिकाएं होती हैं. इसमें एक बाहरी कोशिका समूह होता है जो गर्भाशय में इम्प्लांट होकर प्लेसेंटा में डेवलप होगा और एक आंतरिक कोशिका समूह होता है जो आखिरकार बच्चे को बनाएगा.

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क्या बोले शोधकर्ता

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टीम ने कहा, इंसानी प्रेग्नेंसी भ्रूण के इम्प्लांटेशन से शुरू होती है, जो एक ब्लास्टोसिस्ट के गर्भाशय की परत से जुड़ने से शुरू होती है - जो प्रेग्नेंसी जारी रखने और रिप्रोडक्टिव सफलता के लिए एक जरूरी कदम है. इम्प्लांटेशन प्रक्रिया में तीन मुख्य चरण शामिल हैं: अपोजिशन, जहां ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय की परत के साथ पहला संपर्क बनाते हैं; आसंजन, जहां यह विशिष्ट अणुओं का उपयोग करके परत के साथ मजबूती से जुड़ता है; और आक्रमण, जहां ब्लास्टोसिस्ट एंडोमेट्रियम में घुसकर खुद को एम्बेड कर लेते हैं.

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कुछ जीवाणु भी करते हैं ऐसा

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कुछ बैक्टीरिया इसी तरह सतह प्रोटीन का उपयोग करके होस्ट सेल रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं, इससे पहले कि वे कोशिकाओं पर हमला करें या उन्हें निगल लें, होस्ट कार्यों को बाधित करें या बीमारी की प्रगति को बढ़ाएं.

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क्या होगा इस प्रयोग का फायदा

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माइक्रोफ्लुइडिक चिप पर उनके 3D मॉडल का इस्तेमाल इंसानी भ्रूण के इम्प्लांटेशन के पीछे के रहस्यों को जानने और गर्भवती होने की कोशिश कर रही महिलाओं के लिए पर्सनलाइज़्ड इलाज खोजने के लिए किया जा सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में हर छह में से एक वयस्क बांझपन से प्रभावित है. (photo credit AI, for representation only)

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