चीन-अमेरिका को छोड़ पाकिस्तान से फाइटर जेट क्यों खरीद रहा बांग्लादेश? क्या है इसके पीछे की रणनीति
Hindi World HindiPakistan Bangladesh Jf17 Thunder Fighter Jet Deal Why Is Bangladesh Buying Fighter Jets From Pakistan चीन-अमेरिका को छोड़ पाकिस्तान से ही फाइटर जेट क्यों खरीद रहा बांग्लादेश? क्या है इसके पीछे की रणनीति
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच JF-17 थंडर फाइटर जेट की डील अंतिम चरण में है. इस डील को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बांग्लादेश पाकिस्तान से ही फाइटर जेट क्यों खरीद रहा है.
Published: January 12, 2026 9:22 AM IST
By Gaurav Barar
Follow Us
सांकेतिक तस्वीर
Bangladesh Pakistan News: साल 2026 की शुरुआत दक्षिण एशियाई रक्षा बाजार के लिए एक बड़ी खबर लेकर आई है. पाकिस्तान ने अपने रक्षा निर्यात के लक्ष्यों को साधते हुए एक बड़ी कूटनीतिक और सैन्य सफलता हासिल की है. पाकिस्तान सेना ने पुष्टि की है कि बांग्लादेश को JF-17 थंडर फाइटर जेट बेचने का सौदा अपने अंतिम चरण में है.
दशकों के कड़वे रिश्तों के बाद, इस्लामाबाद और ढाका के बीच यह रक्षा समझौता न केवल सैन्य दृष्टि से, बल्कि भू-राजनीतिक नजरिए से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. JF-17 थंडर एक ‘मल्टी-रोल’ कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स और चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप ने संयुक्त रूप से विकसित किया है. इस प्रोजेक्ट की नींव 1990 के दशक में रखी गई थी.
JF-17 थंडर फाइटर जेट की खासियतें
तकनीकी रूप से, इस विमान का लगभग 58% हिस्सा पाकिस्तान में और 42% हिस्सा चीन में निर्मित होता है, जबकि इसकी फाइनल असेंबली पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित कामरा में की जाती है. यह विमान अपनी फुर्ती, आधुनिक रडार प्रणाली और विभिन्न प्रकार की मिसाइलों को दागने की क्षमता के लिए जाना जाता है.
बांग्लादेश की सैन्य जरूरत
बांग्लादेश इस समय अपनी वायुसेना के आधुनिकीकरण की तीव्र आवश्यकता का सामना कर रहा है. वर्तमान में, बांग्लादेशी वायुसेना मुख्य रूप से पुराने हो चुके चीनी F-7 और सीमित संख्या में रूसी MIG-29 विमानों पर निर्भर है. बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए, ढाका को एक ऐसे आधुनिक प्लेटफॉर्म की तलाश थी जो न केवल युद्ध क्षमता में सक्षम हो, बल्कि उनके बजट में भी फिट बैठ सके. इस सौदे के पीछे तीन प्रमुख कारण दिखाई देते हैं.
बांग्लादेश ने पाकिस्तान को ही क्यों चुना?
लागत और रखरखाव- अमेरिकी F-16 या यूरोपीय राफेल जैसे फाइटर जेट्स की तुलना में JF-17 काफी सस्ता है. न केवल इसे खरीदना आसान है, बल्कि इसका परिचालन और रखरखाव भी कम खर्चीला है. पाकिस्तान इस डील के साथ स्पेयर पार्ट्स और लंबी अवधि के सपोर्ट का एक आकर्षक पैकेज दे रहा है.
तकनीकी तालमेल और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाव
चूंकि बांग्लादेश पहले से ही कई चीनी रक्षा प्रणालियों का उपयोग कर रहा है, इसलिए JF-17 के चीनी इंजन, एवियोनिक्स और हथियार प्रणालियों के साथ तालमेल बिठाना उनके लिए आसान है.
Add India.com as a Preferred Source
अमेरिका से सैन्य उपकरण खरीदना अक्सर कठिन राजनीतिक शर्तों, मानवाधिकारों की निगरानी और ‘एंड-यूज’ मॉनिटरिंग के साथ आता है. इसके विपरीत, पाकिस्तान और चीन के साथ सौदे में ऐसी बाधाएं न्यूनतम होती हैं.
बदलती राजनीति का संदेश
यह सौदा केवल विमानों की खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है. बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक परिवर्तनों के बाद इस्लामाबाद और ढाका के संबंधों में जो गर्माहट आई है, यह डील उसी का प्रतिबिंब है. यह समझौता भारत और अन्य पड़ोसी देशों के लिए भी एक संदेश है कि दक्षिण एशिया के रक्षा समीकरण बदल रहे हैं.
About the Author

Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Also Read:

भारत को तीन तरफ से घेरने की कोशिश में जुटा चीन! पाकिस्तान के बाद इस देश को देगा अपना J-10 लड़ाकू विमान

पाकिस्तान के पास कितने और कौन से लड़ाकू विमान हैं? यहां देखिए पूरी लिस्ट

पाकिस्तान के पास कितने और कौन से लड़ाकू विमान हैं? यहां देखिए पूरी लिस्ट
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
Topics
Bangladesh Air ForceJF-17 Thunderpakistan fighter jets
More Stories
Read more