ग्रीनलैंड में हुआ इमरजेंसी का ऐलान! समंदर के बीच वैज्ञानिकों को दिखा ऐसा खौफनाक मंजर

ग्रीनलैंड में हुआ इमरजेंसी का ऐलान! समंदर के बीच वैज्ञानिकों को दिखा ऐसा खौफनाक मंजर

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Greenland Environmental Emergency: हाल ही में शोधकर्ताओं ने ग्रीनलैंड में इमरजेंसी का ऐलान किया है. दरअसल, तेजी से पिघलती बर्फ की चट्टानों के बिल्कुल पास व्हेल मछलियां पानी से बाहर उछलती दिखाई दी हैं.

Published date india.com Last updated on - January 12, 2026 4:50 PM IST

email india.com By Anil email india.com twitter india.com

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ग्रीनलैंड में इमरजेंसी

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वैज्ञानिकों की टीम को ग्रीनलैंड में एक बेहद खतरनाक मंजर दिखा है, जिसकी वजह से वहां इमरजेंसी लगा दी गई है. दरअसल, बर्फ की बड़ी-बड़ी चट्टानों नजदीक व्हेल मछलियां पानी से बाहर उछलती दिखाई दी हैं, जिसे उन्होंने एक बड़े खतरा बताया है.

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वैज्ञानिकों को दिखी किलर व्हेल

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सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में देखने को मिला है कि ग्रीनलैंड की खाड़ी में ग्लेशियर के टुकड़ों के बीच पानी के ऐसे रास्ते बन गए हैं, जो पहले वसंत ऋतु के अंत में कभी नहीं दिखाई देते थे और इन्हीं रास्तों में इस बार वैज्ञानिकों को भारी संख्या में व्हेल मछलियां दिखीं हैं.

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समंदर के खूंखार शिकारी

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वैज्ञानिकों को मालूम था कि इस इलाके का पानी गर्म हो रहा है, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि पिघलती बर्फ के बीच ये किलर मछलियां देखने को मिलेगी. वैज्ञानिक इन मछलियों को समंदर के सबसे खूंखार शिकारियों में से एक मानते है.

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दोगुनी स्पीड से पिघलने लगी है बर्फ

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां के हालात काफी खराब हो चुके है और 1980 के मुकाबले यहां की बर्फ दोगुनी स्पीड पिघलने लगी है. जो पानी पहले जमा रहता था, वह अब गर्म होने लगा है. यही वजह है इस इलाके में किलर व्हेल आसानी से पहुंचने लगी है.

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इन्हें है सबसे बड़ा खतरा

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बता दें कि, यहां रहने वाले सील और ध्रुवीय भालू जैसे जानवरों को किलर व्हेल से सबसे बड़ा खतरा हैं. क्योंकि वैज्ञानिकों को डर है कि ये व्हेल सिर्फ यहां से गुजर नहीं रही हैं, बल्कि अब यहीं अपना ठिकाना बना रही है.

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इमरजेंसी का मतलब समझें

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ग्रीनलैंड में इसी वजह से वहां के अधिकारियों ने पर्यावरण इमरजेंसी की घोषणा की है, इसका मतलब है कि सभी प्रोजेक्ट्स रोककर वैज्ञानिकों का पूरा ध्यान पिघलती बर्फ और इन व्हेल मछलियों पर लगा दिया गया. इसके साथ ही, वैज्ञानिकों और कोस्ट गार्ड के बीच इमरजेंसी मीटिंग्स होने लगी है.

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यहां के तटीय इलाकों में पेट्रोलिंग

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इसके अलावा, इस इलाके में ड्रोन सर्वे की अनुमति दी गई और तटीय इलाकों में पेट्रोलिंग को बढ़ाया गया है. जिस काम के लिए एक्स्ट्रा फ्यूल और सैटेलाइट की सुविधा भी मिली है.

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