टी गार्डन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर ये राज्य, पूरी दुनिया को पिलाता है चाय- जानें कैसे हुई थी यहां चाय बगान की शुरूआत
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असम को अपनी लार्ज स्केल पर चाय के उत्पादन और पत्तियों की क्वालिटी के कारण 'टी गार्डन ऑफ इंडिया' कहा जाता है. ब्रह्मपुत्र की वादियों में पैदा होने वाली यह चाय न केवल भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान भी है.
Last updated on - January 13, 2026 7:54 PM IST
By Satyam Kumar
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भारत का चाय का बागान
भारत के पूर्वोत्तर में स्थित असम को टी गार्डन ऑफ इंडिया (Tea Garden of India) कहा जाता है. यह दुनिया का सबसे बड़ा निरंतर चाय उगाने वाला क्षेत्र है, जहां की चाय अपनी कड़क मिठास और बेहतरीन स्वाद के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है.
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भारत की चाय की राजधानी
असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है. ब्रह्मपुत्र नदी की उपजाऊ घाटियों और यहां की जलवायु ने इसे चाय की खेती के लिए स्वर्ग बना दिया है. यहां लगभग 800 से अधिक बड़े चाय बागान और हजारों छोटे बागान हैं. भारत की कुल चाय पैदावार का आधा हिस्सा अकेले असम से आता है.
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एक संयोग से हुई शुरुआत
असम में चाय की खोज का इतिहास काफी दिलचस्प है. साल 1823 में रॉबर्ट ब्रूस (Robert Bruce) ने ऊपरी असम में जंगली चाय के पौधों को देखा था. इसके बाद धीरे-धीरे यहां चाय की व्यावसायिक खेती शुरू हुई और आज असम की चाय एक वैश्विक ब्रांड बन चुकी है.
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असम की चाय का अनोखा स्वाद
असम की चाय अपने कड़क स्वाद (Briskness) और माल्टी फ्लेवर (Malty Flavor) के लिए जानी जाती है. यहां की चाय को मुख्य रूप से ब्लैक टी (Black Tea) के रूप में पिया जाता है. चाहे दूध वाली चाय हो या बिना दूध की, असम की पत्तियों का रंग और स्वाद इसे बाकी दुनिया की चाय से अलग बनाता है.
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आर्थिक रीढ़ है चाय उद्योग
चाय उद्योग असम की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा हिस्सा है. लाखों लोग सीधे तौर पर इन बागानों में काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है.
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फेमस झूमर नृत्य
यहां के मजदूरों का पारंपरिक 'झूमर नृत्य' और चाय तोड़ने का अंदाज यहां के पर्यटन को भी बढ़ावा देता है.
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विश्व बाजार में दबदबा
असम की चाय न केवल भारत में बल्कि यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका में भी भारी मांग में रहती है. इसे 'जीआई टैग' (GI Tag) भी मिला है, जो इसकी गुणवत्ता और क्षेत्र की विशिष्टता की पुष्टि करता है. यहां की ऑर्थोडॉक्स और सीटीसी (CTC) चाय की किस्मों का कोई मुकाबला नहीं है.