सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत : स्टार्टअप फाउंडर्स

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साइंस-टेक कारोबार सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत : स्टार्टअप फाउंडर्स

सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत : स्टार्टअप फाउंडर्स

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सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने बदली उद्यमियों की सोच, वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना भारत : स्टार्टअप फाउंडर्स

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IANS 15 Jan 2026 16:50 IST

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New UpdateIndia’s startup ecosystem flourished under stable policies: Startup founders

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों ने गुरुवार को कहा कि पिछले एक दशक में देश का स्टार्टअप क्षेत्र अभूतपूर्व रूप से आगे बढ़ा है। इसके पीछे स्थिर सरकार की स्थिर नीतियां, स्टार्टअप इंडिया पहल, सरकार का सहयोग और मजबूत उद्यमशील संस्कृति बड़ी वजह रही है।

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स्टार्टअप इंडिया पहल के 16 जनवरी को दस साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर उद्यमियों का मानना है कि भारत अब वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में से एक बन चुका है और देश में उद्यमिता का भविष्य काफी उज्ज्वल है।

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स के लिए पिछला दशक बहुत अच्छा रहा है, खासकर जब इसकी तुलना दुनिया के दूसरे हिस्सों से की जाए।

उन्होंने कहा कि नीतियों में स्थिरता और निरंतरता ने भारत को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों से आगे रखा है।

निखिल कामथ के अनुसार, जहां वैश्विक निवेशक यूरोप, चीन और अमेरिका को लेकर सतर्क हैं, वहीं भारत को लेकर वे अब भी सकारात्मक सोच रखते हैं।

उन्होंने कहा कि विदेश में भारत की स्टार्टअप कहानी अच्छे तरीके से बताई गई है, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

कामथ ने यह भी कहा कि आज भारत में उद्यमिता को समाज में स्वीकार किया जाने लगा है और युवा इसे एक आकर्षक विकल्प मानने लगे हैं।

ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें स्टार्टअप प्रधानमंत्री बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दूरदर्शी सोच रखने के साथ ही जमीनी स्तर पर काम को सफल बनाने पर भी पूरा ध्यान देते हैं।

रितेश अग्रवाल ने स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं को समाज की सोच बदलने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि अब परिवारों में भी उद्यमिता को करियर के रूप में स्वीकार किया जाने लगा है।

उन्होंने बताया कि उनकी अपनी मां ने भी उद्यमिता को तभी सम्मानजनक पेशा माना, जब सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप्स का समर्थन किया।

मैपमाईइंडिया के सीईओ और कार्यकारी निदेशक रोहन वर्मा ने कहा कि डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया को लेकर प्रधानमंत्री की दीर्घकालिक सोच ने युवाओं को प्रेरित किया है।

उन्होंने कहा कि ऐसा नेतृत्व आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत संदेश देता है और अगले दो दशकों में भारत के नवाचार क्षेत्र पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।

मीशो के को-फाउंडर संजीव बर्नवाल ने कहा कि 2014 के बाद से स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं के कारण भारत का स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है।

पॉलिसीबाजार के सीईओ और को-फाउंडर याशीष दहिया ने कहा कि सरकार की कम सरकार, बेहतर शासन की सोच ने स्टार्टअप्स के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया ने देशभर में उद्यमिता की लहर पैदा की है, जो शहरों के साथ-साथ जिलों और राज्यों तक पहुंची है।

--आईएएनएस

डीबीपी/एबीएस

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