गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, कहा- किसान अन्न पैदा करके देश की सच्ची सेवा में लगे
देश गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, कहा- किसान अन्न पैदा करके देश की सच्ची सेवा में लगे
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 2022 में पदभार संभालने के बाद से यह उनका गणतंत्र दिवस पर चौथा संबोधन है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के किसान अन्न पैदा करके देश की सच्ची सेवा में लगे हैं.
Written byMohit Saxena
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 2022 में पदभार संभालने के बाद से यह उनका गणतंत्र दिवस पर चौथा संबोधन है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के किसान अन्न पैदा करके देश की सच्ची सेवा में लगे हैं.
Mohit Saxena 25 Jan 2026 19:44 IST
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draupadi murmu Photograph: (ani)
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र को संबोधित किया. इस दौरान राष्ट्रपति ने किसानों को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि देश के किसान अन्न पैदा करके देश की सच्ची सेवा में लगे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा,'हम भारत के लोग, देश और विदेश में पूरे जोश के साथ गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं. गणतंत्र दिवस का शुभ अवसर पर हमें अतीत, वर्तमान और भविष्य में हमारे देश के हालात और दिशा पर सोचने का मौका देता है.'
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#WATCH | President Droupadi Murmu addresses on the eve of Republic Day 2026.
She says, "We, the people of India, at home and overseas, are going to celebrate Republic Day with fervour. The auspicious occasion of Republic Day gives us an opportunity to reflect on the status and… pic.twitter.com/KudhNbhhbo
— ANI (@ANI) January 25, 2026
संवैधानिक आदर्शों की ओर बढ़ा रहे
उन्होंने कहा, 'हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की शक्ति ने 15 अगस्त, 1947 को हमारे देश के हालात बदल दिए. भारत आजाद हुआ. हम अपने राष्ट्रीय भाग्य के निर्माता बने. 26 जनवरी, 1950 से हम अपने गणतंत्र को अपने संवैधानिक आदर्शों की ओर बढ़ा रहे. उस दिन हमारा संविधान पूरी तरह से लागू हुआ.'
राष्ट्रवाद की भावना देश की एकता के लिए मजबूत आधार
राष्ट्रपति ने कहा, 'लोकतंत्र की जन्मभूमि भारत, औपनिवेशिक शासन से आजाद हुआ और हमारा लोकतांत्रिक गणराज्य अस्तित्व में आया. हमारा संविधान विश्व इतिहास के सबसे बड़े गणराज्य का मूलभूत दस्तावेज है. हमारे संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्श हमारे गणराज्य को परिभाषित करते हैं. संविधान निर्माताओं ने संवैधानिक प्रावधानों के जरिए राष्ट्रवाद की भावना और देश की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया.'
Draupadi Murmu
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