1 करोड़ का फंड बनाना हो तो कितने की करानी होगी SIP? क्या होगा मैक्सिमम टेन्योर? एक्चुअल फ्यूचर वैल्यू जानकर हो जाएंगे मायूस
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अगर आपको लगता है कि 1 करोड़ रुपये रिटायरमेंट लाइफ, रोजमर्रा के खर्चों और जिम्मेदारियों के लिए काफी है,तो आपको दोबारा हिसाब-किताब करने की जरूरत है. तेजी से बढ़ती महंगाई दर में खाने से लेकर हेल्थकेयर तक की सर्विस इतनी महंगी हो जाएगी कि 1 करोड़ रुपये इसके सामने कम पड़ जाएगा.
Published: January 14, 2026 7:14 PM IST
By Anjali Karmakar
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महंगाई हर साल चीजों की कीमतें बढ़ाती है और आपके पैसे की खरीदने की ताकत कम हो जाती है.
मिडिल क्लास के लिए वैसे तो फ्यूचर प्लान करने या रिटायरमेंट (Retirement Fund)की जिंदगी आराम से गुजारने के लिए 1 करोड़ रुपये (One Crore Corpus) मोटी रकम मानी जाती है. शुरुआत में हमें लगता है कि इन पैसों से घर बन जाएगा. बच्चों की पढ़ाई हो जाएगी. बेटी की शादी निपट जाएगी और तो और रिटायरमेंट लाइफ का लुत्फ भी उठाया जा सकेगा. 1 करोड़ रुपये कमाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है. अगर आप कुछ बातों का ख्याल रखें, प्लान करके चलें, सेविंग और स्मार्ट इंवेस्टमेंट (Investment) करें, तो कंपाउंडिंग का जादू आपको बड़ा फंड खड़ा करने में मदद करेगा. लेकिन, निश्चित समय तक इंवेस्टमेंट के बाद मिले रिटर्न की एक्चुअल वैल्यू क्या होगी? इसका जवाब जानकर आपको मायूसी हो सकती है.
आइए जानते हैं कि 1 करोड़ का फंड बनाना हो तो कितने की करानी होगी SIP? क्या होगा मैक्सिमम टेन्योर? महंगाई दर के हिसाब से 1 करोड़ की वैल्यू कितनी रह जाएगी:-
1 करोड़ का फंड बनाने के लिए कितने की करानी होगी SIP?
अगर इक्विटी म्यूचुअल फंड में लॉन्ग टर्म में SIP के जरिए इंवेस्टमेंट किया जाए, तो औसतन 12% सालाना रिटर्न मानकर 1 करोड़ रुपये का टारगेट हासिल किया जा सकता है. इसके लिए आपको हर महीने 10000 रुपये की SIP शुरू करनी होगी.
मैक्सिमम टेन्योर कितना होगा?
अगर 12% का एनुअल रिटर्न मिलता है, तो 1 करोड़ रुपये जुटाने में करीब 21 साल का समय लग सकता है. इस दौरान आप न तो रिडीम कर सकते हैं और न SIP मिस करेंगे. मतलब आपको बिना रुके अपना इंवेस्टमेंट चालू रखना है. वहीं, अगर SIP राशि को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया जाए, तो यही टारगेट लगभग 18 साल में हासिल हो सकता है.
भारत में औसतन कितनी महंगाई दर?
भारत में औसतन महंगाई दर 5-6% रहती है. महंगाई हर साल चीजों की कीमतें बढ़ाती है और आपके पैसे की खरीदने की ताकत कम हो जाती है. अगर हम 6% की दर को आधार मानें, तो आज जो चीज 100 रुपये की है, वो अगले साल 106 रुपये की हो जाएगी. अगर हम 6% की महंगाई दर मानकर चलें, तो आज जिस लाइफस्टाइल के लिए आपको 1 करोड़ रुपये चाहिए, उसी आरामदायक जिंदगी के लिए 20 साल बाद आपको 3,20,71,355 करोड़ की जरूरत पड़ेगी.
सालाना 23 लाख रुपये की होगी वैल्यू
20 साल बाद 1 करोड़ रुपये की वैल्यू आज के लगभग 25 लाख से 38 लाख (5-7% महंगाई दर पर) के बराबर रह जाएगी. यानी महंगाई के कारण पर्जेसिंग पावर 70-75% रह जाएगी. ऐसे में आपको वही चीजें खरीदने के लिए 20 साल बाद 4 करोड़ तक की ज़रूरत पड़ सकती है. अब अगर इसमें हम हेल्थकेयर, फैमिली मेडिकल इमरजेंसी, घर का किराया और बाकी यूटिलीटीज जोड़ दें, तो 1 करोड़ रुपये की एनुअल वैल्यू असल में 23 लाख के बराबर होगी.
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अब महंगाई दर के हिसाब से समझिए 1 करोड़ की वैल्यू का गुणा-गणित
रिटायरमेंट और बाकी जिम्मेदारियों के लिए 23 लाख रुपये घाटे का सौदा ही होगा. अगर कोई 60 साल की उम्र में 1 करोड़ रुपये के साथ रिटायर होता है. 85 साल तक जिंदा रहता है, तो उसे 25 साल तक करीब 33,000 रुपये हर महीने मिलेंगे. लेकिन, इंफ्लेशन के कारण समय के साथ इस रकम की वैल्यू कम होती जाएगी. यानी 10 साल बाद 33000 रुपये 17500 रुपये जैसे लगने लगेंगे. 2045 तक 1 करोड़ रुपये की वैल्यू 16000 से 17000 रुपये प्रति महीने से भी कम हो सकती है.
तो फिर 10 साल बाद आराम से जिंदगी चलाने के लिए कितनी रकम चाहिए?
एक्सपर्ट का सुझाव है कि मेट्रो शहरों में रहने वाले लोगों को अपने रिटायरमेंट फंड के तौर पर करीब 4-5 करोड़ रुपये का टारगेट रखना चाहिए. खासतौर पर अगर आप 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा मंथली खर्च करते हैं. वहीं, छोटे शहरों में रहने वालों को भी वित्तीय तनाव लिए बिना बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कम से कम 2.5 करोड़ रुपये का रिटायरमेंट फंड रखना चाहिए.
स्टेप अप SIP हो सकता है मददगार
फाइनेंशियल प्लानर रिटायरमेंट फंड जल्दी शुरू करने के लिए हर साल सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान की रकम को बढ़ाने की सलाह देते हैं. इसे स्टेप अप SIP कहते हैं. मतलब जैसे-जैसे आपकी सैलरी बढ़े, आपको SIP भी बढ़ानी चाहिए. ज्यादा रिटर्न के लिए इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में पैसे लगाया जा सकता है. लॉन्ग टर्म में इन्हीं से ज्यादा रिटर्न मिलता है. वहीं, होम रेंट, गोल्ड इंवेस्टमेंट या साइड बिजनेस भी कमाई का अच्छा जरिया साबित हो सकते हैं.
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Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
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