सरकारी नौकरी है? मां-बाप का खयाल नहीं रखते तो हर महीने कटेगी 10% सैलरी, इस राज्य में लागू हो गया नियम
Hindi India HindiTelangana Government Employees 10 Percent Salary Cut Neglect Parents सरकारी नौकरी है? मां-बाप का खयाल नहीं रखते तो हर महीने कटेगी 10% सैलरी, इस राज्य में लागू हो गया नियम
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह सजा नहीं, बल्कि न्याय है. उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनकी देखभाल करें, क्योंकि उनकी सफलता उनके त्याग का नतीजा है.
Published: January 13, 2026 9:46 AM IST
By Farha Fatima
Follow Us
अमूमन जॉब लॉस इंश्योरेंस का प्रीमियम आपकी मूल बीमा के प्रीमियम का 3 से 5% होता है.
बदलते जमाने के साथ बेसिक और नॉर्मल चीज़ों को भी नियम बनवाकर कराए जाने लिए बाध्य किया जा रहा है. मां-बाप का खयाल रखना, उनकी परवाह करने के लिए अब नियम बनाए जा रहे हैं. एक राज्य सरकार ने बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एक अनोखा और सख्त कदम उठाने की घोषणा की है. इन नियम के तहत, यदि मां-बाप का ध्यान नहीं रखते हैं तो सैलरी से पैसे काटने का बंदोबस्त किया गया है. विस्तार से समझिए क्या है ये पूरा नियम.
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 12 जनवरी 2026 को हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार जल्द ही एक नया कानून लाएगी, जिसके तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करता है, तो उनकी सैलरी से 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. यह कटी हुई राशि सीधे माता-पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
शिकायतों के आधार पर बना ये नियम
मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग माता-पिता द्वारा अपने बेटों या बेटियों के खिलाफ दर्ज शिकायतों को बहुत गंभीरता से लेने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के माता-पिता अक्सर अपने बच्चों की शिक्षा और नौकरी के लिए बहुत त्याग करते हैं, लेकिन जब बच्चे सरकारी नौकरी पा लेते हैं, तो वे माता-पिता की उपेक्षा करने लगते हैं.
बुजुर्ग माता-पिता आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें
रेवंत रेड्डी ने इसे मानवीय दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम बताया, ताकि बुजुर्ग माता-पिता को सम्मानजनक जीवन मिल सके और वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें. यह घोषणा ‘प्रणाम’ (Pranaam) डे-केयर सेंटर्स के उद्घाटन के मौके पर की गई, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य में स्थापित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों का निर्माण प्रत्येक पर लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से 37 स्थानों पर किया जा रहा है. ये केंद्र बुजुर्गों के लिए सामाजिक संपर्क, अच्छी गुणवत्ता का भोजन और अन्य सुविधाएं प्रदान करेंगे.
50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया
सरकार ने इस योजना और संबंधित पहलों के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है.कानून के तहत कटौती की प्रक्रिया शिकायत पर आधारित होगी. यदि बुजुर्ग माता-पिता अपनी उपेक्षा की शिकायत दर्ज करते हैं और यह सत्यापित हो जाती है, तो कर्मचारी की सैलरी से 10% काटकर सीधे उनके खाते में जमा किया जाएगा. कुछ रिपोर्टों में 10-15 प्रतिशत की रेंज का उल्लेख है, लेकिन हालिया घोषणा में स्पष्ट रूप से 10 प्रतिशत पर फोकस है.
माता-पिता का सम्मान और देखभाल करें
यह कदम पहले से मौजूद मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन्स एक्ट, 2007 को मजबूत करने जैसा है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के वेतन से सीधी कटौती का प्रावधान इसे अनोखा बनाता है.
Add India.com as a Preferred Source
About the Author

Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
Topics
Goverment Job
More Stories
Read more