गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा होगी अभेद्य:100 गुना जूम करने वाले कैमरों से निगरानी, 1000 से अधिक Cctv लगेंगे - Republic Day Celebration High Tech Cameras With 100x Zoom Will Be Installed In Delhi
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गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट समारोह की सुरक्षा अभेद्य होगी। दिल्ली पुलिस 100 गुना से भी अधिक जूम वाले हाईटेक कैमरों से निगरानी करेगी। इन कैमरों की मदद से दूर बैठे संदिग्धों और गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा सकेगी। दिल्ली पुलिस यह कैमरे 21 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक यानी कुल 9 दिनों के लिए किराए पर लेगी। इन कैमरों का इस्तेमाल दिल्ली के अहम और संवेदनशील क्षेत्रों में गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा के लिए किया जाएगा।
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अधिकारियों ने बताया कि कैमरों को ली मेरिडियन होटल के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र, निर्माण भवन, राष्ट्रीय अभिलेखागार और वाणिज्य भवन की छतों पर स्थापित किया जाएगा। इन जगहों से राजपथ और उसके आसपास के बड़े इलाके की निगरानी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि पांच विशेष कैमरों ऐसे है जिनमें जूम करने की क्षमता 100 गुना से भी अधिक होगी।
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इन कैमरों को इसीलिए आयोजन स्थल के समीप ऊंची इमारतों की छतों पर लगाया जाएगा। इन कैमरों की मदद से 24 घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी होगी। 100 गुना जूम वाले टेली लेंस कैमरे सामान्य सीसीटीवी कैमरों से काफी अलग होंगे हैं। ये पैन-टिल्ट, जूम तकनीक पर आधारित होते हैं और 100 गुना तक जूम कर सकते हैं। इसकी मदद से दूर खड़े व्यक्ति के चेहरे, वाहनों के नंबर और संदिग्ध गतिविधियों को साफ देखा जा सकता है। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में यह तकनीक सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी मददगार मानी जाती है।
1000 से अधिक कैमरों लगाए जाएंगे
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर, मध्य, नई दिल्ली, उत्तर-पश्चिम जिले और सुरक्षा यूनिट में फैले गणतंत्र दिवस समारोह क्षेत्र और मार्गों पर 1000 से अधिक कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे न सिर्फ संवेदनशील इलाकों, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट, राजपथ मार्गों और वीवीआईपी इलाकों की निगरानी करेंगे, बल्कि परेड रूट, दर्शक दीर्घा, भवनों की छतों, पार्किंग और भीड़भाड़ वाले हिस्सों को भी कवर करेंगे। सुरक्षा में लगाए जाने वाले सभी कैमरे नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर), फेस रिकग्निशन, ट्रिप वायर, इंट्रूजन डिटेक्शन, भीड़ आकलन प्रणाली, संदिग्ध वस्तु पहचान जैसी उन्नत सुविधाएं होंगी।
राजधानी की सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम
हर साल गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में लाखों दर्शक और देश-विदेश से आए अतिथि शामिल होते हैं। इस अवधि में सुरक्षा खतरों की संभावना भी सबसे ज्यादा होती है। यही कारण है कि राजधानी की सुरक्षा में आधुनिक तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार लगाई जा रही प्रणाली न केवल संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने में सक्षम होगी, बल्कि भीड़ प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा और आपदा की स्थिति में निगरानी एजेंसियों को रियल टाइम निर्णय लेने में मदद करेगी।
ऐसे मिलेगी सुरक्षा एजेंसियों को मदद
- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान
- अचानक छोड़े गए बैग या वस्तु का अलर्ट
- वाहन नंबर प्लेट की स्वचालित पहचान
- भीड़ का रियल टाइम आंकलन
- प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ की चेतावनी
- चेहरा पहचान प्रणाली के जरिए संदिग्ध व्यक्तियों की स्कैनिंग