हिमाचल:उद्योग निदेशक जारी कर सकेंगे 1.5 से 3.0 हेक्टेयर तक के खनन पट्टे, नियम में किया संशोधन - Himachal: Industries Director Will Be Able To Issue Mining Leases Ranging From 1.5 To 3.0 Hectares, Rules Amen
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हिमाचल में खनन गतिविधियों में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन, इसके परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2015 में संशोधन किया। संशोधन के बाद 15 जनवरी को जारी अधिसूचना में वन भूमि और गैर वन भूमि के लिए सक्षम अधिकारियों की शक्तियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। खनन पट्टों और आशय-पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी करने के लिए अधिकारियों की वित्तीय और प्रशासनिक सीमाएं तय की गई हैं। अब 1.5 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए राज्य भू-विज्ञानी या प्रधान मुख्य अरण्यपाल को अधिकृत किया गया है। 1.5 से 3.0 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए उद्योग विभाग के निदेशक को शक्तियां प्रदान की गई हैं। वन भूमि के मामलों में सभी प्रमुख निर्णय में भी बदलाव किया गया है। नीलामी तिथि से 15 दिन पूर्व हिंदी के दो प्रमुख अखबारों में विज्ञापन देना अनिवार्य होगा। कोई पट्टा धारक नियम का उल्लंघन करता है, तो 24 फीसदी ब्याज की दर से बकाया लेंगे।
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सहमति और अधिकार क्षेत्र में होंगे। खनिज परिवहन और अनुमति के नियम भी कड़े कर दिए गए हैं। सरकार ने खनिजों के परिवहन के लिए मासिक सीमाओं को निर्धारित किया है। खनन अधिकारी एक बार में 10 हजार मीट्रिक टन तक व प्रति माह अधिकतम 20,000 मीट्रिक टन तक की अनुमति दे सकते हैं। राज्य भू-विज्ञानी के लिए प्रति माह 30,000 मीट्रिक टन तक की सीमा तय की गई है। निदेशक उद्योग के पास 30 से 50 हजार मीट्रिक टन प्रतिमाह तक का अधिकार होगा। 50,000 मीट्रिक टन से ऊपर के परिवहन को सरकार की अनुमति जरूरी होगी।