शादी के नाम पर बेंगलुरु इंजीनियर से 1.53 करोड़ की ठगी, पत्नी को 'बहन' बना मिलाता था शख्स- ऐसे पकड़ा गया

शादी के नाम पर बेंगलुरु इंजीनियर से 1.53 करोड़ की ठगी, पत्नी को 'बहन' बना मिलाता था शख्स- ऐसे पकड़ा गया

Hindi India HindiBengaluru Engineer Duped Of 1 53 Rupee Crore In Name Of Marriage Man Passes Off Wife As Sister Know How He Was Caught शादी के नाम पर बेंगलुरु इंजीनियर से 1.53 करोड़ की ठगी, पत्नी को 'बहन' बना मिलाता था शख्स- ऐसे पकड़ा गया

Bengaluru Engineer: बेंगलुरु की महिला इंजीनियर से शादी के नाम पर 1.53 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, जहां महिला के घर आने पर आरोपी ने अपनी पत्नी को 'बहन' बनाकर उससे मिलवाया.

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Published: January 19, 2026 6:18 PM IST email india.com By Satyam Kumar email india.com twitter india.com Facebook india.com twitter india.com telegram india.com Follow Us india.com Follow Us बेंगलुरु इंजीनियर से शादी के नाम पर करोड़ो की ठगी बेंगलुरु इंजीनियर से शादी के नाम पर करोड़ो की ठगी

बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में रहने वाली 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नव्या श्री के साथ शादी के नाम पर 1.53 करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. एक मेट्रोमोनियल साइट (Matrimonial Site) के जरिए मिले शख्स ने न केवल नव्या को प्यार के जाल में फंसाया, बल्कि उसके परिवार और दोस्तों की मेहनत की कमाई भी लूट ली. रिपोर्ट के मुताबिक, ठगी का यह मामला इतना सुनियोजित था कि इसमें आरोपी का पूरा परिवार शामिल था, जिन्होंने मिलकर इस करोड़ों की साजिश को अंजाम दिया.

मेट्रोमोनियल साइट पर हुई दोनों की मुलाकात

नव्या श्री की मुलाकात मार्च 2024 में वोक्कालिगा मैट्रीमोनी के जरिए विजय राज गौड़ा (उर्फ विजित बी) नाम के शख्स से हुई थी. विजय ने खुद को VRG एंटरप्राइजेज का मालिक बताया और दावा किया कि उसके पास बेंगलुरु के राजाजीनगर और सदाशिवनगर जैसे पॉश इलाकों में करोड़ों की संपत्ति, क्रशर और लॉरी का व्यवसाय है. महिला का विश्वास जीतने के लिए उसने 715 करोड़ की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक पुराने केस के जमानत आदेश की प्रतियां भी दिखाईं, जिससे नव्या को लगा कि वह एक बहुत बड़े बिजनेसमैन से शादी करने जा रही है.

परिवार और दोस्तों से भी निवेश के नाम पर वसूले पैसे

मुलाकात के कुछ ही समय बाद विजय ने बैंक खाता फ्रीज होने का बहाना बनाकर नव्या से 15,000 रुपये उधार लिए. धीरे-धीरे उसने नव्या को साथ मिलकर बिजनेस करने के नाम पर उकसाया और उससे तथा उसके दोस्तों से भारी निवेश करवाया. उसने अपने पिता कृष्णप्पा बी गौड़ा को एक रिटायर्ड तहसीलदार (राजस्व अधिकारी) के रूप में मिलवाया, जिन्होंने चेक जारी कर पैसे वापस करने का भरोसा दिलाया. FIR के अनुसार, विजय ने नव्या के दोस्तों से भी अलग-अलग किश्तों में 66 लाख रुपये और 23 लाख रुपये निवेश के नाम पर वसूले.

माता-पिता की जमापूंजी और गहने भी ‘आरोपी’ के हवाले

इसके बावजूद विजय की भूख खत्म नहीं हुई. उसने नव्या के माता-पिता का भरोसा भी जीता. उसने उन्हें कोर्ट के कुछ फर्जी आदेश दिखाए और बैंक खाते बंद होने की झूठी कहानी सुनाई. नव्या के पिता ने उसे 10.5 लाख रुपये दिए, जबकि उसकी माँ ने अपने रिटायरमेंट फंड से 18 लाख रुपये उसे सौंप दिए. इसके अलावा, आरोपी ने नव्या के गहनों पर 10 लाख रुपये का लोन लिया और उसके भाई-बहनों से भी 5 लाख रुपये ठगे. बकौल पीड़िता, इस तरह आरोपी ने पूरे परिवार को आर्थिक रूप से खोखला करना शुरू किया.

पत्नी को ‘बहन’ बता मिलवाया

रिपोर्ट के मुताबिक, जब नव्या ने अपने पैसे वापस मांगने का दबाव बनाया, तो विजय बहाने बनाने लगा. सच जानने के लिए जब नव्या एक दिन अचानक से विजय के घर पहुंची, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उसे पता चला कि विजय पहले से शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जिस महिला (सौम्या) को विजय ने अपनी ‘बहन’ बताकर नव्या से मिलवाया था, वह असल में उसकी पत्नी थी. पिछले तीन सालों से वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे और पूरा परिवार इस ठगी में बराबर का भागीदार था.

ED केस का डर दिखाकर जीता भरोसा

आरोपी विजय राज गौड़ा एक शातिर अपराधी की तरह व्यवहार कर रहा था. उसने पीड़िता को विश्वास दिलाने के लिए कानून और जांच एजेंसियों के नाम का सहारा लिया. उसने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जाली दस्तावेज तैयार किए थे ताकि वह अपनी बेहिसाब संपत्ति को वैध दिखा सके. जब भी कोई पैसे वापस मांगता, वह कोर्ट के स्टे ऑर्डर की फर्जी कॉपियां दिखाकर उन्हें शांत कर देता था. यही कारण था कि पढ़ा-लिखा इंजीनियर होने के बावजूद नव्या उसके झांसे में आती गई.

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FIR में पीड़िता ने किया ये दावा

नव्या श्री ने बेंगलुरु पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विजय और उसके परिवार ने मिलकर कुल 1,75,66,890 रुपये की ठगी की. इसमें से केवल 22 लाख रुपये ही वापस किए गए, जबकि 1,53,15,090 रुपये अभी भी बकाया हैं. पीड़िता का दावा है कि जब उसने पैसे वापस मांगे, तो विजय, उसके पिता और पत्नी ने उसे और उसके दोस्तों को जान से मारने की धमकी दी. FIR में पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और डराने-धमकाने की धाराएं जोड़ी गई हैं.

पुलिस ने शुरु की जांच

बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विजय, उसके पिता और उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब उन बैंक खातों को खंगाल रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी. नव्या की मांग है कि उसे उसकी पूरी रकम वापस मिले और ऐसे शातिर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए, जो वैवाहिक साइट्स का इस्तेमाल व्यापार की तरह लोगों को लूटने के लिए कर रहे हैं. यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पार्टनर की तलाश कर रहे हैं.

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Satyam Kumar

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सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें

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