अंबिकापुर :सरगुजा संभाग में शीतलहर का कहर, छह जिलों में अलर्ट, पाट इलाकों में पाला, तापमान 2 डिग्री तक गिरा - Cold Wave Grips Surguja Division Alert Issued In Six Districts Frost In Plateau Regions

अंबिकापुर :सरगुजा संभाग में शीतलहर का कहर, छह जिलों में अलर्ट, पाट इलाकों में पाला, तापमान 2 डिग्री तक गिरा - Cold Wave Grips Surguja Division Alert Issued In Six Districts Frost In Plateau Regions

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सरगुजा संभाग इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते 24 घंटों में बलरामपुर जिले का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पाट क्षेत्रों में यह 2 से 3 डिग्री के बीच बना हुआ है। पाट क्षेत्रों से लेकर कुछ मैदानी इलाकों तक पाला पड़ने से ठंड का असर और भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने संभाग के छह जिलों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

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तापमान में गिरावट और पाले का प्रकोप
संभाग के सभी जिलों में ठंड का प्रभाव एक समान देखा जा रहा है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बुधवार को 4.6 डिग्री था। दिन में धूप निकलने के बावजूद अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। संभाग के सभी पाट क्षेत्रों के साथ-साथ बलरामपुर जिले के मैदानी इलाकों में भी गुरुवार को पाला पड़ा। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक लुढ़कने के कारण खेतों और खुले इलाकों में पाला जम गया है। वहीं, मैदानी इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक गिरने से ओस की बूंदें जमने लगी हैं। बलरामपुर के सामरी पाट और कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में लगातार पाले की स्थिति बनी हुई है। विज्ञापन विज्ञापन

शीतलहर का अलर्ट और आगामी पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग के सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट के अनुसार, मौसम साफ रहने के कारण उत्तरी शीतलहरें तेजी से क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं, जिससे कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। तापमान में तेज गिरावट के चलते फिलहाल कोहरे की स्थिति नहीं बन रही है।

जनजीवन पर कड़ाके की ठंड का असर
कड़ाके की ठंड का असर जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शाम ढलते ही शीतलहर के कारण ग्रामीण इलाकों में सन्नाटा पसर जाता है। सुबह की पाली में स्कूल जाने वाले बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। जनवरी माह में ठंड अपने चरम पर रहती है, जबकि फरवरी के पहले सप्ताह से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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