एमपी स्टार्टअप समिट 2026: सीएम मोहन यादव ने गिनाई भारत की वैज्ञानिक विरासत, स्टार्टअप्स को बताया देश की ताकत
कारोबार एमपी स्टार्टअप समिट 2026: सीएम मोहन यादव ने गिनाई भारत की वैज्ञानिक विरासत, स्टार्टअप्स को बताया देश की ताकत
एमपी स्टार्टअप समिट 2026: सीएम मोहन यादव ने गिनाई भारत की वैज्ञानिक विरासत, स्टार्टअप्स को बताया देश की ताकत
Written byIANS
एमपी स्टार्टअप समिट 2026: सीएम मोहन यादव ने गिनाई भारत की वैज्ञानिक विरासत, स्टार्टअप्स को बताया देश की ताकत
IANS 12 Jan 2026 18:45 IST
Follow Us
New Update![]()
(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
भोपाल, 12 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को भारत की नवाचार की समृद्ध विरासत पर जोर देते हुए देश को विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में स्टार्टअप्स देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
Advertisment
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट और इकोसिस्टम अवॉर्ड्स 2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भारत के महान वैज्ञानिकों के योगदान को याद किया।
उन्होंने बताया कि सर जगदीश चंद्र बोस ने करीब 125 साल पहले यह सिद्ध किया था कि पौधों में भी जीवन, संवेदना और प्रतिक्रिया होती है। आज आधुनिक तकनीक से किए गए शोध भी उनकी बात को सही साबित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1895 में कोलकाता में सर जगदीश चंद्र बोस ने माइक्रोवेव तकनीक का प्रयोग किया था, जिसे बाद में विदेशी वैज्ञानिकों ने अपनाया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े विचार बहुत पहले मौजूद थे, लेकिन आजादी के बाद संसाधनों की कमी के कारण इन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा सका।
मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से बदल रहा है। उन्होंने शोध, नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई योजनाओं की सराहना की और बताया कि वर्ष 2022 में इंदौर से भी ऐसे कई कार्यक्रम शुरू किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने एक ऐसे स्टार्टअप का उदाहरण दिया, जिसने कम कीमत में खेती की मशीन बनाई है। यह मशीन एक छोटे ट्रैक्टर के जरिए सिर्फ 10 रुपए में एक घंटे में एक एकड़ फसल काट सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार खेती और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि भारत, जो अभी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा और आगे चलकर पहले स्थान पर भी आएगा।
समिट के दौरान मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा ऐलान किया। राज्य ने अगले 18 महीनों में स्टार्टअप्स की संख्या 6,500 से बढ़ाकर 10,000 करने का लक्ष्य तय किया है। यह कदम राज्य को देश के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में शामिल करने की दिशा में है।
एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 के तहत स्टार्टअप्स को आर्थिक और तकनीकी मदद दी जा रही है। इसमें 100 करोड़ रुपए का बीज पूंजी कोष, 30 लाख रुपए तक अनुदान, ब्याज में छूट और अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 47 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत से तीन गुना ज्यादा है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उद्यमियों को भी विशेष सहायता दी जा रही है।
एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि सरकार, निवेशक और उद्यमी मिलकर राज्य को स्टार्टअप हब बना रहे हैं। यह समिट राज्य के भविष्य के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में अहम कदम है।
--आईएएनएस
डीबीपी/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Read More
हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें!
विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनेंअब सदस्यता लें
Read the Next Article