शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड: सुप्रीम कोर्ट से मानवाधिकार आयोग तक याचिका, कांग्रेस ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट - shambu girls hostel neet girl student death case advocate file petition in bihar and national human rights commission
पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की शम्भू गर्ल्स हॉस्टल संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। इस गंभीर मामले को लेकर मानवाधिकार मामलों के जानकार अधिवक्ता एस. के. झा ने दोनों आयोगों में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मानवाधिकार आयोग में याचिका
अधिवक्ता एस. के. झा का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि यह मामला आत्महत्या का नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे गंभीर अपराध है। अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि शुरुआती स्तर पर इस घटना को दबाने और जानबूझकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि जांच के किसी भी स्तर पर लापरवाही, सच्चाई छिपाने या तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है, तो यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी चिट्ठी
अधिवक्ता एस. के. झा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग से सेवानिवृत जज की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही न्याय की गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र भेजा गया है।
अलख पांडे भी जहानाबाद की निर्भया के इंसाफ की जंग में कूदे
फिजिक्स वाला के संस्थापक और मशहूर शिक्षक अलख पांडे ने भी इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं। शम्भू गर्ल्स हॉस्टल वाले केस को लेकर अलख पांडे ने कहा है कि 'बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ है। पुलिस अपनी शुरुआती रिपोर्ट में बच्ची के आत्महत्या की बात कही। फिर पुलिस ने रिपोर्ट बदल दी और कहा कि हमें नहीं पता कि रेप हुआ या नहीं हुआ। हमारा सवाल ये है कि जब मां-बाप अपनी लड़कियों को घर से बाहर नहीं निकलने देते हैं और जब वो पुलिस प्रशासन का ये रवैया देखते हैं तो उन्हें और डर लगता है अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर।' नीचे सुनिए और क्या-क्या कहा अलख पांडे ने।
कांग्रेस ने SIT रिपोर्ट के लिए दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
उधर बिहार कांग्रेस ने पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने इसको लेकर पुलिस से बड़ी मांग करते हुए अल्टीमेटम दे दिया है। राजेश राम ने कहा है कि 'घटना में अलग-अलग तरह की बातें आ रही है। बुलडोजर चलाने के लिए आपके समय है, लेकिन नीट छात्रा के लिए आपके पास समय नहीं है। सरकार तब संज्ञान लेगी जब बात मीडिया और पब्लिक में आएगी। वैसे तो SIT के परिणाम जीरो रहते हैं, लेकिन हमारी मांग है कि आप इस SIT की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर दें।'
सम्राट ने कहा- पुलिस को पूरी छूट
जहानाबाद की बेटी की 'हत्या' पर सरकार चौतरफा घिरी हुई है। इसको लेकर उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि केस की जांच में पुलिस को पूरी छूट दे दी गई है। इस कांड के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन अब विपक्ष ने SIT पर भी सवाल उठा दिए हैं। जाहिर है कि ये मुश्किल बिहार की नीतीश सरकार के लिए बड़ी होती दिख रही है।