28 जनवरी से दूसरी कोस्टल साइक्लोथॉन, देश के तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए CISF की बड़ी पहल - cisf will be organizing its second coastal cyclothon from january 28 to enhance the security of the country coastal area

28 जनवरी से दूसरी कोस्टल साइक्लोथॉन, देश के तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए CISF की बड़ी पहल - cisf will be organizing its second coastal cyclothon from january 28 to enhance the security of the country coastal area
नई दिल्ली:

देश के समुद्री तटीय इलाकों को अधिक से अधिक सुरक्षित रखने के मकसद से सीआईएसएफ 28 जनवरी से दूसरी वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन-2026 का आयोजन कर रहा है। 25 दिनों के इस आयोजन में सीआईएसएफ के 65 महिला समेत 195 जवान देश के 6500 किलोमीटर से अधिक के कोस्टल एरिया को साइकिल पर चलकर कवर करेंगे।

सीआईएसएफ के डीजी प्रवीण रंजन ने इस मामले में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोस्टल साइक्लोथॉन का 2025 में पहले सफल आयोजन के बाद इस साल यह दूसरा आयोजन होगा। जिसमें भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटों के 6,553 किलोमीटर क्षेत्र की यात्रा की जाएगी। इसका मकसद तटों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए इन इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना है। इसका मकसद तटीय आबादी को राष्ट्रीय उद्देश्यों से जोड़ना है। बल इन क्षेत्रों के स्थानीय लोगों को तटीय सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करेगा।डीजी रंजन ने बताया कि वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 28 जनवरी से 22 फरवरी के बीच ‘सीआईएसएफ वंदे मातरम तटीय साइकिल रैली 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इसकी थीम ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’ रखी गई है। सीआईएसएफ के जवान भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट स्थित 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में साइकिल पर 6,553 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 18 प्रतिशत आबादी तटीय जिलों में रहती है। मात्रा के हिसाब से भारत का लगभग 95 प्रतिशत तथा मूल्य के हिसाब से 70 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्ग से होता है।

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