बुलियन मार्केट में तेजी बरकरार:चांदी ₹2.89 लाख और सोना ₹1.47 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर, औद्योगिक मांग से रफ्तार - Gold Silver Price Gold Price Record, Silver Price Peak, Bullion Market News In India

बुलियन मार्केट में तेजी बरकरार:चांदी ₹2.89 लाख और सोना ₹1.47 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर, औद्योगिक मांग से रफ्तार - Gold Silver Price Gold Price Record, Silver Price Peak, Bullion Market News In India

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भारतीय सर्राफा बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल जारी है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों में ₹3,000 की भारी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह ₹2,89,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसी तरह, सोने की कीमतों में भी लगातार पांचवें दिन तेजी जारी रही और यह ₹1,47,300 प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक शिखर पर जा पहुंचा। यह तेजी मुख्य रूप से स्टॉकिस्टों, आभूषण विक्रेताओं और खुदरा उपभोक्ताओं की निरंतर खरीदारी के कारण आई है।

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बीते पांच सत्रों में 16% चढ़ी चांदी
चांदी की कीमतों में पिछले पांच सत्रों में करीब 16 प्रतिशत या ₹45,500 की जबरदस्त वृद्धि हुई है। 8 जनवरी को चांदी ₹2,43,500 प्रति किलोग्राम पर थी, जो अब ₹2,89,000 पर पहुंच गई है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया है। 31 दिसंबर 2025 से अब तक चांदी 21 प्रतिशत का रिटर्न दे चुकी है। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में गुरुवार को ₹800 की बढ़त देखी गई। साल 2026 की शुरुआत से अब तक पीली धातु में करीब 7 प्रतिशत या ₹9,600 की वृद्धि दर्ज की गई है। यह घरेलू स्तर पर सोने की बढ़ती मांग और निवेशकों के बीच इसके प्रति अटूट भरोसे को दर्शाता है। विज्ञापन विज्ञापन

चांदी की कीमतों में वृद्धि का क्या कारण?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी अब केवल एक आभूषण धातु नहीं रह गई है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक धातु के रूप में उभर रही है। पीएल वेल्थ मैनेजमेंट के हेड (प्रोडक्ट्स एंड फैमिली ऑफिसेस) राजकुमार सुब्रमण्यम के अनुसार, "चांदी वर्तमान चक्र में निवेश मांग और औद्योगिक परिवर्तन के चौराहे पर बैठी है।"

भारत में चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे कई संरचनात्मक कारक काम कर रहे हैं जैसे- नवीकरणीय ऊर्जा: सौर ऊर्जा के क्षेत्र में चांदी का व्यापक उपयोग इसकी मांग को बढ़ा रहा है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: ईवी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बढ़ती तकनीक चांदी की औद्योगिक प्रासंगिकता को मजबूती दे रही है। पोर्टफोलियो विविधीकरण: हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और फैमिली कैपिटल अब सोने के साथ-साथ चांदी को पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए एक प्रभावी विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

वैश्विक बाजार में कीमतों का क्या हाल?
घरेलू बाजार में तेजी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मामूली गिरावट देखी गई है। वैश्विक बाजार में चांदी 2.13 प्रतिशत गिरकर 91.20 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि हाजिर सोना 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,614.45 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
बाजार विश्लेषकों  के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मामूली सुधार 'प्रॉफिट बुकिंग' और अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों के कारण है। पीपीआई और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के बीच बढ़ते अंतर ने उत्पादकों के मार्जिन पर दबाव की चिंता बढ़ा दी है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें फिलहाल धीमी पड़ती दिख रही हैं।

आगे क्या उम्मीद?
भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और व्यापक संरचनात्मक मांग के कारण बुलियन का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि चांदी सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव वाली धातु है।

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