दूसरी जाति में शादी करने पर 3 लाख रुपये दे रही सरकार, पूरी करनी होंगी ये शर्तें, ये है अप्लाई का पूरा प्रोसेस
Hindi Gallery Hindi Maharashtra Government Scheme Financial Help Of 3 Lakh Rupees To Promote Inter Caste Marriage 8266542 दूसरी जाति में शादी करने पर 3 लाख रुपये दे रही सरकार, पूरी करनी होंगी ये शर्तें, ये है अप्लाई का पूरा प्रोसेस
शादी और जाति को लेकर इसी सोच को बदलने और इंटर कास्ट मैरिज को बढ़ाना देने के लिए केंद्र समेत कई राज्य सरकारें खास योजनाएं चलाती हैं. इनके तहत इंटर कास्ट मैरिज करने वाले कपल को आर्थिक मदद दी जाती है. महाराष्ट्र में भी ऐसी एक योजना चल रही है.
Last updated on - January 13, 2026 4:27 PM IST
By Anjali Karmakar
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इंटर कास्ट मैरिज पर सरकार देगी पैसे
हम चाहे कितनी भी तरक्की कर लें, लेकिन शादी के मामले में आज भी हमारे समाज में कई तरह की रुकावटें देखने को मिलती हैं. जब कोई बालिग लड़का-लड़की लव मैरिज करना चाहते हैं, तो बीच में जाति के रूप में सबसे बड़ी दीवार आ जाती है. परिवारवाले सबसे पहले जाति देखते हैं. फिर स्टेटस देखा जाता है. कई बार दो प्यार करने वाले सिर्फ इसलिए शादी नहीं कर पाते, क्योंकि उनकी बिरादरी अलग होती है. हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, यूपी, महाराष्ट्र के कुछ समुदायों में जाति प्रथा और अपनी ही जात-बिरादरी में शादी को लेकर सख्त नियम है.
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परंपरा के खिलाफ जाने पर गंवानी पड़ती है जान
इस नियम के खिलाफ जाने पर कई बार लड़का-लड़की को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है. इन मामलों को हम ऑनर किलिंग या हॉरर किलिंग के नाम से जानते हैं. शादी और जाति को लेकर इसी सोच को बदलने और इंटर कास्ट मैरिज को बढ़ाना देने के लिए केंद्र समेत कई राज्य सरकारें खास योजनाएं चलाती हैं. इनके तहत इंटर कास्ट मैरिज करने वाले कपल को आर्थिक मदद दी जाती है. महाराष्ट्र में भी ऐसी एक योजना चल रही है.
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क्या है स्कीम?
महाराष्ट्र सरकार की इस योजना का नाम इंसेंटिव टू एनकरेज इंटर-कास्ट मैरिज है. इस योजना का मकसद जातिगत भेदभाव को कम करना और समाज में समानता व सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है. इसमें इंटर कास्ट मैरिज करने वाले कपल को कुल 3 लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है, ताकि वो अपनी नई जिंदगी की शुरुआत बेफिक्र होकर कर सके.
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योजना का फायदा लेने की शर्तें?
आवेदकों में से एक सामान्य श्रेणी से संबंधित होना चाहिए और दूसरा अनुसूचित जाति से होना चाहिए.दोनों आवेदक महाराष्ट्र के मूल निवासी होने चाहिए.आवेदन करते समय महिला की उम्र 18 साल से ज्यादा और पुरुष की उम्र 21 साल से ज्यादा होनी चाहिए. दोनों की उम्र 35 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.दंपति की एनुअल फैमिली इनकम 2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए.आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए.शादी हिंदू विवाह अधिनियम 1955 या विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए.
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पहली शादी पर ही मिलेंगे पैसे
दंपति को राज्य/केंद्र सरकार की समान योजनाओं से वित्तीय लाभ नहीं मिलना चाहिए. पुनर्विवाह का कोई मामला नहीं होना चाहिए. इस योजना का लाभ केवल पहली शादी पर दिया जाता है.एक आदमी जो एक विधवा से शादी करता है, वह पहली शादी से मुक्त होना चाहिए. ये शादी दोनों की सहमति से और बिना किसी दबाव के होना चाहिए.
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कितनी रकम मिलेगी और कब?
इस योजना के तहत कुल 3 लाख रुपये की मदद दी जाती है. इसमें महाराष्ट्र सरकार की ओर से 50 हजार रुपये और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर फाउंडेशन की ओर से 2.50 लाख रुपये दिए जाते हैं. यह राशि सीधे कपल के जॉइंट बैंक अकाउंट में भेजी जाती है.
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स्कीम के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
इस स्कीम में अप्लाई के लिए मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, रेजिडेंट प्रूफ, बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं की मार्कशीट, आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, जॉइंट बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, इनकम सर्टिफिकेट, दंपति की शादी वाली एक फोटो, पिछले पति या पत्नी का डेथ सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) और स्टैंप पेपर पर लिखा सेल्फ डिक्लेयरेशन होना चाहिए.
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