महासमुंद:बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों का घोटाला, 3.65% शॉर्टेज पर 5.71 करोड़ रुपये का गबन - Multi Crore Scam At Bagbahara Paddy Procurement Center Rs 5.71 Crore Embezzled Due To A 3.65% Shortage In Maha

महासमुंद:बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों का घोटाला, 3.65% शॉर्टेज पर 5.71 करोड़ रुपये का गबन - Multi Crore Scam At Bagbahara Paddy Procurement Center Rs 5.71 Crore Embezzled Due To A 3.65% Shortage In Maha

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महासमुंद जिले के बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में वर्ष 2024-25 के दौरान धान शॉर्टेज के नाम पर करोड़ों रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। यह भ्रष्टाचार धान की प्राप्त मात्रा और प्रदाय मात्रा में भारी अंतर के चलते हुआ है। संग्रहण केंद्र प्रभारी ने लगभग 3.65 प्रतिशत धान का शॉर्टेज दिखाकर शासन को लगभग 5 करोड़ 71 लाख रुपये के घोटाले का शिकार बनाया है।

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लाखों का खर्च, फिर भी धान गायब
प्रशासन धान संग्रहण केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने के लिए मार्कफेड के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती, परिवहन भाड़ा, हमाली और अन्य सुरक्षा सामग्री पर लाखों रुपये खर्च करता है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संग्रहण केंद्र में धान आने के बाद उसकी मात्रा में कोई कमी न आए और धान पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके बावजूद, प्रभारियों की चालाकी से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के धान गायब हो जाते हैं। धान की मात्रा में कमी के लिए कीट, पतंगों, चूहे, जानवरों और मौसम का हवाला दिया जाता है, जिससे बड़ी चतुराई से घोटाले को अंजाम दिया जाता है। विज्ञापन विज्ञापन

आंकड़ों का खेल: 5.71 करोड़ रुपये का खेल
बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में सत्र 2024-25 में समितियों द्वारा 12 लाख 63 हजार 644 बोरा धान प्राप्त हुआ था, जो 4 लाख 98 हजार 193 क्विंटल 38 किलोग्राम के बराबर था। वहीं, प्रभारी ने 8 हजार 601 क्विंटल धान का सीपेज और 18 हजार 433 क्विंटल 15 किलोग्राम का शॉर्टेज दिखाकर करीब 5 करोड़ 71 लाख रुपये के धान का घोटाला किया है। यह कुल आवक का लगभग 3.65 प्रतिशत है।

प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव ने 12 दिसंबर 2025 को एक पत्र जारी कर धान संग्रहण केंद्रों में 1 प्रतिशत से अधिक की कमी पर केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 1 प्रतिशत की कमी पर कारण बताओ नोटिस, 1% से 2% पर विभागीय जांच और 2% से अधिक की कमी पर त्वरित निलंबन और आपराधिक कार्रवाई के निर्देश थे। इसके बावजूद, 3.65 प्रतिशत शॉर्टेज होने पर भी बागबाहरा धान संग्रहण केंद्र में प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई न होना, प्रभारी के हौसले को बढ़ावा दे रहा है। इससे अगले सत्र 2025-26 में और भी बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

कांग्रेस का सरकार पर हमला
इस मामले में अब कांग्रेस सरकार को घेर रही है। पार्टी का आरोप है कि जिन संग्रहण केंद्रों को कांग्रेस सरकार ने इन्हीं शिकायतों के कारण बंद किया था, उन्हें बीजेपी ने कट, कमीशन और भ्रष्टाचार के लिए फिर से शुरू किया है, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है।

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