4 महीने पहले भरा था ITR, अब तक नहीं आया रिफंड? जान लें अब आपके पास क्या है ऑप्शन
Hindi Gallery Hindi Income Tax Return Itr Late Refund How To Track And Complain Process 8265615 4 महीने पहले भरा था ITR, अब तक नहीं आया रिफंड? जान लें अब आपके पास क्या है ऑप्शन
इनकम टैक्स रूल के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2025-26 का रिफंड मैक्सिमम लेट होकर भी 31 दिसंबर 2026 तक मिल सकता है. इसलिए घबराने की बजाय अपनी डिटेल्स सही रखें. समय-समय पर पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करते रहे.
Last updated on - January 12, 2026 8:55 PM IST
By Anjali Karmakar
Follow Us
1/7
कहीं आपका भी तो नहीं अटक गया है ITR रिफंड?
फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन (16 सितंबर 2025) निकलने के बड़ी तादाद में टैक्सपेयर्स हैं, जिन्हें अभी तक रिफंड नहीं मिला है. डिपार्टमेंट के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, 28 दिसंबर तक करीब 8.5 करोड़ ITR फाइल और वेरीफाई किए जा चुके हैं. इनमें से करीब 7.8 करोड़ रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं. जबकि, 70 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) में पेंडिंग हैं. ऐसे में इन टैक्सपेयर्स को अब तक रिफंड नहीं क्रेडिट हुआ है. आइए जानते हैं ITR रिफंड में देरी होने पर आपके पास क्या रास्तें हैं? कहां शिकायत कर सकते हैं? रिफंड लेट हुआ है, तो आपको कितना इंटरेस्ट मिलेगा:-
People are also watching
2/7
ITR प्रोसेसिंग में लगता है कितना वक्त?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को e-वेरिफिकेशन की तारीख के बाद ITR प्रोसेसिंग में 15 से 45 दिन का समय लगता है. अगर ऑफलाइन वेरिफिकेशन होता है, तो इससे ज्यादा वक्त लग जाता है. वैसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद रिफंड का प्रोसेस फाइनेंशियल ईयर के अंत से 9 महीने के भीतर किया जाना चाहिए. अगर प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लग रहा है, तो इसका मतलब है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को रिव्यू कर रहा है.
3/7
किन वजहों से रिफंड में हो सकती है देरी?
ITR प्रोसेस पूरा करने और रिफंड भेजने में देरी की सबसे बड़ी वजह वेरिफिकेशन प्रोसेस में देरी होना है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इनकम सोर्स से लेकर इंवेस्टमेंट रिटर्न तक की डिटेल बारीकी से वेरिफाई की जाती है. इस दौरान ITR आपके क्लेम भी चेक करता है. आपने कितना रिटर्न भरा है? टैक्स में कितनी कटौती का दावा किया है? आपके फॉर्म 16 में ये चीजें पहले से शामिल है या नहीं? ये बातें चेक होती हैं. आपने ITR भरने के लिए सही फॉर्म का इस्तेमाल किया या नहीं? आपने फाइनेंशियल ईयर में इनकम से जुड़ी कोई जरूरी बात छिपाई है या नहीं? इसकी भी जांच होती है.बैंक डिटेल वेरिफाई होती है. TDS डिटेल्स और फॉर्म 26AS को मैच किया जाता है. इन सबसे समय लगता है.
4/7
ITR प्रोसेस और रिफंड में देरी हो तो आपके पास क्या है रास्ता?
ITR प्रोसेस में तय समय से ज्यादा देर होने पर टैक्सपेयर्स के पास पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज करने का ऑप्शन रहता है. आप इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की हेल्पलाइन नंबर 1800-103-4455 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. आप [email protected] पर ईमेल के जरिए अपनी बात पहुंचा सकते हैं. आपके पास लोकल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ऑफिस में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने का ऑप्शन भी है. इसके साथ ही टैक्सपेयर्स ई-फाइलिंग पोर्टल और NSDL की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं. आपके पास सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर के हेल्पलाइन नंबर पर भी कॉल करने की सुविधा है.
5/7
मैक्सिमम कब तक मिल सकता है रिफंड?
इनकम टैक्स रूल के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2025-26 का रिफंड मैक्सिमम लेट होकर भी 31 दिसंबर 2026 तक मिल सकता है. इसलिए घबराने की बजाय अपनी डिटेल्स सही रखें. समय-समय पर पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करते रहे.
6/7
रिफंड में देरी होने पर कितना मिलता है ब्याज?
इनकम टैक्स कानून के मुताबिक, अगर रिफंड में देरी होती है, तो विभाग टैक्सपेयर्स को 0.5% प्रति महीने के रेट से सिंपल इंटरेस्ट देता है. यह सालाना 6% बैठता है. यह ब्याज उस स्थिति में मिलता है, जब देरी विभाग की गलती से हो, न कि टैक्सपेयर द्वारा गलत जानकारी देने की वजह से.
7/7
इंटरेस्ट कब से काउंट होगा और क्या सभी को मिलेगा?
अगर रिटर्न समय पर फाइल किया है, तो 1 अप्रैल 2025 से रिफंड मिलने तक ब्याज मिलेगा. अगर रिटर्न लेट फाइल किया है, तो फाइलिंग डेट से ब्याज गिना जाएगा. अगर रिफंड की राशि कुल टैक्स का 10% से कम है, तो ब्याज नहीं मिलेगा.