'दुश्मन को समंदर में डुबाएंगे और जमीन पर डराएंगे...' 4666 करोड़ रुपये की नई डिफेंस डील, भारतीय सेना खरीद रही पनडुब्बी किलर और नई राइफल
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By Vineet Sharan | Edited by Vineet Sharan
India Defence Deal: रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना और नौसेना को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 4,666 करोड़ रुपये के रक्षा खरीद कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए. एक दिन पहले भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की ओर से 79,000 करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी.
भारतीय सेना के लिए 4.25 लाख से ज़्यादा क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) कार्बाइन खरीदी जाएगी. भारतीय नौसेना अपनी कलवरी-क्लास पनडुब्बियों के लिए 48 आधुनिक हेवीवेट टॉरपीडो खरीदेगी.
कार्बाइन और संबंधित उपकरणों के लिए 2,770 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट फाइनल किए गए हैं. ये राइफलें इंडिया फोर्ज लिमिटेड और PLR सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सप्लाई की जाएंगी. ये प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करेगा.
नई कार्बाइन पुरानी छोटी बंदूकों की जगह लेंगी और सेना की क्लोज-कॉम्बैट और आतंकवाद विरोधी अभियानों में प्रभावशीलता में सुधार करेंगी.
1,896 करोड़ के एक अलग सौदे में, नौसेना ने हेवीवेट टॉरपीडो की खरीद के लिए इतालवी फर्म WASS सबमरीन सिस्टम्स SRL के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए हैं. ये हथियार कलवरी-क्लास पनडुब्बियों की पानी के नीचे हमला करने की क्षमता को काफी बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं.
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि टॉरपीडो की डिलीवरी अप्रैल 2028 में शुरू होगी और 2030 की शुरुआत तक जारी रहेगी. (photo credit AI, for representation only)
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