क्या भारत के खिलाफ नया मिलिट्री मोर्चा खोल रहा है चीन? 4805 ऊंचे पहाड़ों में ऐसा क्या किया जिससे चौकन्नी हो गई भारतीय सेना
Hindi India HindiIs China Opening A New Military Front Against India In Shaksgam Valley Why This Area Considered Sensitive For Security क्या भारत के खिलाफ नया मिलिट्री मोर्चा खोल रहा है चीन? 4805 ऊंचे पहाड़ों में ऐसा क्या किया जिससे चौकन्नी हो गई भारतीय सेना
अभी तक भारतीय सेना सियाचिन से दक्षिण की तरफ पाकिस्तान पर सीधी नजर रखती थी. लेकिन चीन ने जो नया रास्ता बनाया है उससे वह उत्तर से भी दबाव डाल सकता है.
Published: January 15, 2026 6:39 PM IST
By Shivendra Rai
Follow Us
(प्रतीकात्मक एआई तस्वीर)
India–China Dispute: जम्मू और कश्मीर की शक्सगाम घाटी को लेकर भारत और चीन के बीच एक बार फिर तनाव का माहौल दिख रहा है. सियाचिन ग्लेशियर के पास स्थित इस घाटी की सीमाएं उत्तर में चीन के शिनजियांग और दक्षिण और पश्चिम में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से लगती हैं. शक्सगाम घाटी भारत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है. चीन इस इलाके में स्थाई ढांचे बना रहा है. भारत और चीन के बीच शक्सगाम घाटी का पूरा विवाद क्या है और क्यों यह इलाका भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण है, आइये विस्तार से जानते हैं.
सामरिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेल्लानी कहते हैं, “2024 से सैटेलाइट तस्वीरों और इंटेलिजेंस असेसमेंट से पता चलता है कि चीन शक्सगाम घाटी पर अब सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बना रहा, बल्कि वह भारत के खिलाफ नया मिलिट्री मोर्चा खोल रहा है. शक्सगाम में उसका धीरे-धीरे कब्जा करने की रणनीति प्रोजेक्ट्स के तेजी से पूरे होने के साथ एक अहम मोड़ पर पहुंच रही है. 2024 के बीच तक चीन ने 4805 मीटर ऊंचे अघिल पास से होते हुए लोअर शक्सगाम घाटी तक एक सड़क बना ली थी. इससे चीनी कंस्ट्रक्शन टीमें और शायद मिलिट्री पेट्रोल भी इंदिरा कोल में भारत के कंट्रोल वाले सियाचिन ग्लेशियर से 50 किमी के दायरे में पहुंच गई हैं.”
बता दें कि आजादी के समय तक शक्सगाम घाटी जम्मू-कश्मीर रियासत का ही हिस्सा थी. हालांकि ऐसी दुर्गम जगह पर जम्मू-कश्मीर रियासत का कोई प्रशासनिक अधिकारी तैनात नहीं था. आजादी के बाद जब जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय हुआ तब कानूनी रूप से शक्सगाम घाटी पर भी भारत का अधिकार हो गया. लेकिन 1947-48 में जब पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों और गिलगित-बाल्टिस्तान पर अवैध कब्जा किया तब शक्सगाम घाटी भी उसके नियंत्रण में चली गई.
रणनीतिक रूप से अहम होने के कारण चीन की भी इस इलाके में रुचि थी. पाकिस्तान ने चीन को खुश करने के लिए 1963 में एक समझौते के तहत ये इलाका चीन को सौंप दिया. हालांकि भारत हमेशा इस बात पर कायम रहा है कि शक्सगाम घाटी उसका अभिन्न अंग है और भारत चीन और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते को मान्यता नहीं देता. भारत ने स्पष्ट किया है कि वह शक्सगाम घाटी में चीन की बुनियादी ढांचा निर्माण गतिविधियों को सिरे खारिज करता है. भारत ने कहा है कि वह तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को भी मान्यता नहीं देता जो भारतीय इलाके से होकर गुजरता है और जिस पर पाकिस्तान ने जबरदस्ती और गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर रखा है.
लेकिन जमीन पर स्थितियां तेजी से बदल रही हैं. चीन इस इलाके में तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है. चीन का मानना है शक्सगाम को लेकर चीन और पाकिस्तान में जो समझौता हुआ था वह दो संप्रभु देशों के बीच हुआ था.
भारतीय सेना इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है. दरअसल शक्सगाम घाटी सैन्य दृष्टि से भी बेहद अहम है. यह घाटी दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन से बेहद नजदीक है. अभी तक भारतीय सेना सियाचिन से दक्षिण की तरफ पाकिस्तान पर सीधी नजर रखती थी. लेकिन चीन ने जो नया रास्ता बनाया है उससे वह उत्तर से भी दबाव डाल सकता है. चीन ने इस इलाके में सैनिक तैनात किए तो भारतीय सेना को सियाचिन में दो मोर्चों पर उलझना पड़ सकता है.
Add India.com as a Preferred Source
About the Author

Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Also Read:

शक्सगाम वैली विवाद: भारत और चीन के बीच इसे लेकर कैसे बढ़ा तनाव, पाकिस्तान का क्या है रोल? जानिए

डबल गेम खेल रहा है चीन, एलएसी पर भारत के साथ शांति दिखावा! अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया चौंकाने वाला खुलासा, पाकिस्तान का भी जिक्र

भारत के खिलाफ चीन की बड़ी साजिश... हिमालय पर तैनात कर सकता है किलिंग मशीन '99B', जानें कितनी खतरनाक
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
Topics
shaksgam valleyIndia-ChinaShaksgam Valley DisputeShaksgam Valley Latest NewsShaksgam Valley Strategic Concern
More Stories
Read more