हिजाब के खिलाफ फिर से सड़क पर आई ईरानी लड़कियां, सर्वोच्च धार्मिक नेता की फोटो में आग लगा जलाने लगी सिगरेट- 5 प्वाइंट्स में जानें पूरा मामला
Hindi World HindiIranian Girls Hizab Protest Lit Cigarette Putting Ayatollah Khamenei On Fire हिजाब के खिलाफ फिर से सड़क पर आई ईरानी लड़कियां, सर्वोच्च धार्मिक नेता की फोटो में आग लगा जलाने लगी सिगरेट- 5 प्वाइंट्स में जानें पूरा मामला
ईरान में महिलाएं सर्वोच्च नेता खामेनेई की तस्वीरें जलाकर उसी आग से सिगरेट सुलगाकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. यह महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुई क्रांति का अगला और अधिक आक्रामक चरण माना जा रहा है.
Published: January 11, 2026 4:46 PM IST
By Satyam Kumar
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ईरान में लड़कियां अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की फोटो में आग जलाकर सिगरेट सुलगाते देखी जा सकती है.
ईरान में हिजाब और अपने सरकार की नीतियों के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा एक बार फिर ज्वालामुखी बनकर फूटा है. इस बार विरोध का जो तरीका सामने आया है, उसने न केवल ईरान की सरकार बल्कि पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज में ईरानी लड़कियां जिस निडरता से व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं, उसे ‘हिजाब प्रोटेस्ट 2.0’ कहा जा रहा है.
ईरान की लड़कियों का ‘प्रोटेस्ट 2.0’
ईरान में चल रहा विरोध प्रदर्शन अब केवल हिजाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे तौर पर इस्लामी गणतंत्र की राजनीतिक और धार्मिक जड़ों पर प्रहार कर रहा है. दशकों से चले आ रहे सख्त सामाजिक नियमों को ईरानी बेटियां अब अपने जूतों तले रौंद रही हैं.
Iconic moment: Persian girl lights her cigarette off a burning photo of Khamenei. Zero fucks given, pure defiance. #WomanLifeFreedom #IranProtests pic.twitter.com/BAEMFkaJxU
— Eli (@3X3isNine) January 10, 2026
5 प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला
विद्रोह का नया और आक्रामक तरीका:सोशल मीडिया पर वायरल छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स में महिलाएं ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों को आग लगा रही हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वे उसी जलती हुई तस्वीर की आग से सिगरेट सुलगा रही हैं. यह कृत्य सीधे तौर पर सत्ता के डर को खत्म करने का संदेश देता है. दोहरे मानदंडों को चुनौती: ईरान में सर्वोच्च नेता का अपमान करना मौत की सजा या उम्रकैद जैसा गंभीर अपराध है. साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं का सिगरेट पीना भी धार्मिक रूप से प्रतिबंधित है. इन दोनों कामों को एक साथ अंजाम देकर महिलाएं संदेश दे रही हैं कि अब वे थोपे गए मानदंडों को नहीं मानेंगी. महसा अमीनी की विरासत: यह आंदोलन सितंबर 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद शुरू हुए विद्रोह की अगली कड़ी है. 22 साल की अमीनी को सही ढंग से हिजाब न पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. तब से शुरू हुई ‘वूमेन, लाइफ, फ्रीडम’ की गूंज अब और भी तीखी हो गई है. आर्थिक तंगी ने घी का काम किया: ईरान इस समय रिकॉर्ड महंगाई, बेरोजगारी और अपनी मुद्रा ‘रियाल’ की गिरती कीमत से जूझ रहा है. भूख और गरीबी से परेशान जनता अब सड़कों पर है और तानाशाह गद्दी छोड़ो के नारे लगा रही है. आर्थिक हताशा ने इस धार्मिक विद्रोह को राजनीतिक क्रांति में बदल दिया है. प्रतीकात्मक विरोध की ताकत: विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फ्लैश मॉब और प्रतीकात्मक विरोध, जैसे पगड़ी गिराना या फोटो जलाना, को रोकना सरकार के लिए मुश्किल है. इसमें बड़ी भीड़ की जरूरत नहीं होती, लेकिन इसका संदेश सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में बिजली की तरह फैलता है, जिससे ईरान अलग-थलग पड़ रहा है.
ईरान की सड़कों पर उठ रहा यह धुआं केवल सिगरेट का नहीं, बल्कि उस गुस्से का है जो दशकों से दबाया गया था. 86 साल के खामेनेई भले ही झुकने को तैयार न हों, लेकिन ईरान की नई पीढ़ी ने साफ कर दिया है कि वे भी अब पुरानी बंदिशों में वापस नहीं लौटेंगे.
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Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
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