रबी फसलों की बुआई का कुल क्षेत्रफल बढ़कर 650 लाख हेक्टेयर के पार
कारोबार रबी फसलों की बुआई का कुल क्षेत्रफल बढ़कर 650 लाख हेक्टेयर के पार
रबी फसलों की बुआई का कुल क्षेत्रफल बढ़कर 650 लाख हेक्टेयर के पार
Written byIANS
रबी फसलों की बुआई का कुल क्षेत्रफल बढ़कर 650 लाख हेक्टेयर के पार
IANS 19 Jan 2026 20:10 IST
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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। रबी फसलों के तहत बुआई का कुल क्षेत्रफल (16 जनवरी तक) 20.88 लाख हेक्टेयर बढ़कर 652.33 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 631.45 लाख हेक्टेयर था। यह जानकारी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।
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मंत्रालय ने बताया कि बुआई का क्षेत्रफल बढ़ने से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और खाने-पीने की चीजों की महंगाई को भी नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इसी दौरान 328.04 लाख हेक्टेयर की तुलना में गेहूं का क्षेत्रफल 6.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है।
उड़द, मसूर, चना और मूंग जैसी दालों की खेती का क्षेत्रफल पिछले साल इसी अवधि के 133.18 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.82 लाख हेक्टेयर अधिक यानी 137 लाख हेक्टेयर हो गया है।
ज्वार, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाज या बाजरे की खेती का क्षेत्रफल पिछले साल की इसी अवधि के 55.93 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस सीजन में अब तक 2.79 लाख हेक्टेयर बढ़कर 58.72 लाख हेक्टेयर हो गया है।
सरसों और राई जैसी तिलहन फसलों का क्षेत्रफल पिछले साल इसी अवधि के 93.33 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.53 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी के साथ 96.86 लाख हेक्टेयर हो गया है।
इस सीजन में खेती का क्षेत्रफल बढ़ने की वजह मानसून सीजन में अच्छी बारिश का होना है, जिसने उन इलाकों में भी बुआई को आसान बना दिया है, जहां कम बारिश के कारण बुआई नहीं हो पाती थी।
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) ने पिछले साल 1 अक्टूबर को 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए सभी तय रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।
न्यूनतम समर्थन मूल्य बुवाई के मौसम से काफी पहले घोषित किए जाते हैं, जिससे किसान उसी हिसाब से अपनी फसल की योजना बना सकें और अपनी कमाई बढ़ा सकें।
एमएसपी में सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम के लिए 600 रुपए प्रति क्विंटल घोषित की गई है, इसके बाद मसूर के लिए 300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। रेपसीड और सरसों, चना, जौ और गेहूं के लिए क्रमशः 250 रुपए प्रति क्विंटल, 225 रुपए प्रति क्विंटल, 170 रुपए प्रति क्विंटल और 160 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए अनिवार्य रबी फसलों के लिए एमएसपी में बढ़ोतरी, केंद्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय किया गया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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