ऑपरेशन से लेकर आपदा राहत तक... हर मोर्चे पर शौर्य, 77वें गणतंत्र दिवस पर 98 जांबाजों को राष्ट्रपति का सम्मान

ऑपरेशन से लेकर आपदा राहत तक... हर मोर्चे पर शौर्य, 77वें गणतंत्र दिवस पर 98 जांबाजों को राष्ट्रपति का सम्मान

Hindi India Hindi98 Bravehearts Of Armed Forces Honoured On 77th Republic Day 2025 By President Droupadi Murmu ऑपरेशन से लेकर आपदा राहत तक... हर मोर्चे पर शौर्य, 77वें गणतंत्र दिवस पर 98 जांबाजों को राष्ट्रपति का सम्मान

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और सीमा सड़क विकास बोर्ड (BRDB) के कुल 98 कर्मियों को 'मेंशन इन डिस्पैचेस' से सम्मानित करने की स्वीकृति दी है. इन सम्मानों में पांच वीर जवानों को मरणोपरांत सम्मान भी शामिल है.

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Published: January 25, 2026 10:41 PM IST email india.com By Tanuja Joshi email india.com twitter india.com Facebook india.com twitter india.com telegram india.com Follow Us india.com Follow Us ऑपरेशन से लेकर आपदा राहत तक... हर मोर्चे पर शौर्य, 77वें गणतंत्र दिवस पर 98 जांबाजों को राष्ट्रपति का सम्मान

Indian Armed Forces Bravery: 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश ने अपने वीर सपूतों के अदम्य साहस और निस्वार्थ सेवा को एक बार फिर नमन किया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और सीमा सड़क विकास बोर्ड (BRDB) के कुल 98 कर्मियों को ‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ से सम्मानित करने की स्वीकृति दी है. ये सम्मान उन जवानों और अधिकारियों को दिया गया है, जिन्होंने विभिन्न अभियानों और कठिन परिस्थितियों में असाधारण बहादुरी, कर्तव्यपरायणता और समर्पण का परिचय दिया.

इन 98 सम्मानों में पांच सम्मान मरणोपरांत दिए गए हैं, जो उन वीरों की कुर्बानी को याद दिलाते हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. कुल सम्मानों में से 81 भारतीय सेना के जवानों को मिले हैं, जबकि भारतीय नौसेना के 15 अधिकारियों और नाविकों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है. इसके अलावा, सीमा सड़क विकास बोर्ड के दो कर्मियों को भी मरणोपरांत इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है.

ऑपरेशन स्नो लेपर्ड से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक

भारतीय सेना के जिन अभियानों के लिए जवानों को सम्मानित किया गया है, वे देश की आंतरिक और सीमावर्ती सुरक्षा में बेहद अहम रहे हैं. ऑपरेशन रक्षक के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों में तैनात 17 जवानों को यह सम्मान मिला है. ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के लिए 11, ऑपरेशन हिफाजत के लिए 11 और ऑपरेशन ऑर्किड के लिए पांच कर्मियों को चुना गया है. इसके अलावा, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन राइनो और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कठिन अभियानों में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले जवानों को भी इस सूची में स्थान मिला है.

सम्मान केवल युद्ध या सुरक्षा अभियानों तक सीमित नहीं रहे. प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों में आम नागरिकों की जान बचाने वाले जवानों को भी विशेष रूप से सराहा गया है. बचाव अभियानों के लिए तीन, कैजुअल्टी इवैकुएशन यानी घायल जवानों को सुरक्षित निकालने के लिए चार और ऑपरेशन सोफेन जैसे विशेष अभियानों के लिए भी जवानों को ‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ दिया गया है. इसके अलावा विविध श्रेणी के अभियानों में उत्कृष्ट सेवा के लिए 24 कर्मियों को सम्मानित किया गया है, जिनमें तीन सम्मान मरणोपरांत हैं.

भारतीय नौसेना के 15 अधिकारियों और नाविकों को समुद्री सुरक्षा, परिचालन तत्परता और सेवा के दौरान अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए चुना गया है. समुद्र में कठिन हालातों के बीच राष्ट्र की रक्षा करना और रणनीतिक जिम्मेदारियों को निभाना नौसेना के लिए हमेशा एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है, और इन सम्मानों ने उनकी प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी है. सीमा सड़क विकास बोर्ड के जिन दो कर्मियों को मरणोपरांत सम्मान मिला है, उनका योगदान सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़ा रहा है. ऐसे क्षेत्रों में काम करना अक्सर जोखिम भरा होता है, लेकिन यही कार्य देश की सुरक्षा और विकास की रीढ़ बनते हैं.

क्या है ‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ सम्मान?

‘मेंशन इन डिस्पैचेस’ सम्मान उन गुमनाम नायकों को सामने लाता है, जिनकी कहानियां अक्सर सुर्खियों में नहीं आतीं, लेकिन जिनका योगदान राष्ट्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अमूल्य है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिया गया यह सम्मान देश की ओर से उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने हर परिस्थिति में कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा की.

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Tanuja Joshi

Tanuja Joshi

हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें

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