8 अरब डॉलर की पनडुब्बी डील के बाद जर्मनी ने भारत को दिया एक और ऑफर, नेवी के बाद एयरफोर्स से हाथ मिलाने की कोशिश
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सबमरीन डील के बाद अब जर्मनी ने भारतीय वायु सेना (IAF) के मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) प्रोग्राम के लिए भी खास ऑफर दिया है.
Published: January 15, 2026 2:59 PM IST
By Shivendra Rai
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Medium Transport Aircraft: हाल ही जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय दौरे पर भारत आए थे. इस दौरान भारतीय नौसेना के लिए लगभग 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली किलर पनडुब्बियों को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर हुए. भारत के मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड जर्मनी की कंपनी थिसेन क्रुप मरीन सिस्टम्स मिलकर इन पनडुब्बियों का निर्माण करेंगी. चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गुजरात के अहमदाबाद में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की.
जर्मनी ने भारत को दिया एक और ऑफर
सबमरीन डील के बाद अब जर्मनी ने भारतीय वायु सेना (IAF) के मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) प्रोग्राम के लिए भी खास ऑफर दिया है. जर्मनी एयरबस A400M एटलस के चुनाव की वकालत कर रहा है. जर्मनी ने कहा है कि अगर भारत मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के रूप में एयरबस A400M एटलस को चुनता है तो इसे भारत में ही बनाया जाएगा. जर्मनी ने लोकल प्रोडक्शन रोडमैप पेश किया गया है जिसके तहत 85% तक विमान भारत में ही बनाए जाएंगे.
जर्मनी ने संदेश दिया है कि अगर भारतीय वायुसेना 66 से 80 नए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए A400M को चुनती है तो भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर भारत में ही इसकी प्रोडक्शन यूनिट लगाई जाएगी. इन कारखानों में बनने वाले विमान भारतीय वायुसेना को भी मिलेंगे और यहीं से A400M विमानों की ग्लोबल सप्लाई भी होगी.
जर्मनी के प्रस्ताव में यूरोप्रॉप TP400-D6 टर्बोप्रॉप इंजन की मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी भारत में खोलने का बात शामिल है. अगर ऐसा होता है तो भारत के हाई-टेक एयरोस्पेस सर्विस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. इससे भारतीय वायु सेना का मेंटेनेंस खर्च भी कम होगा.
एयरबस A400M एटलस का खासियत
भारतीय वायुसेना लंबे समय से नए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हासिल करने की कोशिश कर रही है. एयरबस A400M एटलस लगभग 37 टन तक का वजन उठा सकता है. यह भारतीय वायुसेना के नए ज़ोरावर हल्के टैंक जैसे भारी उपकरणों को लद्दाख औक सिक्किम जैसे दुर्गम इलाकों में ले जा सकता है. ये विमान ऊंचे और दुर्गम इलाकों में बने छोटे रनवे से भी टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सकता है.
A400M ट्रांसपोर्ट विमानों का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों की वायुसेनाएं करती हैं. इंडियन एयरफोर्स पने पुराने एंटोनोव An-32 बेड़े को बदलने के लिए कई विमानों को परख रही है जिसमें एयरबस A400M एटलस भी शामिल है. 4 इंजन वाले इस विमान के मुकाबले लॉकहीड मार्टिन C-130J और एम्ब्रेयर C-390 मिलेनियम जैसे दूसरे दावेदार भी रेस में हैं. यह पूरी सौदा 10 बिलियन डॉलर से से ज्यादा का है.
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Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
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