Acb Raids Former Minister Malviya Petrol Pump Team Arrived In Banswara From Jaipur Rajasthan - Banswara News
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इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहा जाए या सरकारी मशीनरी की टाइमिंग, वागड़ के दिग्गज आदिवासी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के भारतीय जनता पार्टी छोड़ने के महज तीन दिन बाद ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने उनके ठिकानों पर आकस्मिक जांच की।
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पहले पेट्रोल पंप फिर क्रेशर प्लांट की टीम ने की जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी की टीम ने कलिंजरा और बागीदौरा में स्थित मालवीया के दो पेट्रोल पंपों के साथ-साथ उनके बेटे प्रेमप्रकाश मालवीय के मोटी टिम्बी गांव में स्थित क्रेशर प्लांट पर भी जांच की। प्रेमप्रकाश मालवीय आनंदपुरी पंचायत समिति के उपप्रधान रह चुके हैं। बताया गया है कि एसीबी की टीम जयपुर से सीधे बांसवाड़ा पहुंची और सबसे पहले दोनों पेट्रोल पंपों पर जांच की, इसके बाद क्रेशर प्लांट पर पहुंची।
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कागजात खंगाले, जानकारी साझा नहीं
एसीबी टीम ने पेट्रोल पंपों और क्रेशर प्लांट पर मौजूद कागजातों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच की। हालांकि टीम को जांच में क्या मिला, इस संबंध में कोई भी जानकारी मीडिया के साथ साझा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि बागीदौरा स्थित पेट्रोल पंप पर टीम के पहुंचने के समय केवल पेट्रोल भरने वाले कर्मचारी मौजूद थे। ऐसे में एसीबी टीम को पंप मैनेजर का इंतजार करना पड़ा।
कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल
गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने वागड़ क्षेत्र में राजनीतिक हलचल पैदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने जयपुर स्थित संविधान क्लब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।
कांग्रेस छोड़ने को मालवीया ने बताया था राजनीतिक भूल
मुलाकात के बाद मालवीया ने कहा था कि भाजपा से उनका मोहभंग हो चुका है और कांग्रेस छोड़ना उनकी एक राजनीतिक भूल थी। उन्होंने कांग्रेस में पुनः शामिल होने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि कांग्रेस आलाकमान की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। इसी बीच एसीबी की कार्रवाई सामने आने से सरकार की मंशा और कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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दबाव बनाने का आरोप
एसीबी की जांच पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने फोन पर बताया कि भाजपा छोड़ने के बाद यह कार्रवाई उन पर दबाव बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन बिकने वाले पेट्रोल का पूरा हिसाब रखा जाता है और उसी के आधार पर ऑयल कंपनियों की ओर से कमीशन निर्धारित होता है। वहीं, क्रेशर प्लांट को लेकर उन्होंने कहा कि वहां क्या मिला, यह एसीबी टीम ही स्पष्ट कर सकती है। वहीं, स्थानीय एसीबी अधिकारियों ने इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इनकार किया है।