Ads In Chatgpt:चैटजीपीटी यूजर्स के लिए बड़ी खबर; अब चैट के दौरान दिखाई देंगे विज्ञापन, जानिए क्यों? - Openai To Show Ads On Chatgpt: Free And $8 Plan Users To See Contextual Advertising

Ads In Chatgpt:चैटजीपीटी यूजर्स के लिए बड़ी खबर; अब चैट के दौरान दिखाई देंगे विज्ञापन, जानिए क्यों? - Openai To Show Ads On Chatgpt: Free And $8 Plan Users To See Contextual Advertising

विस्तार Follow Us

टेक दुनिया में 50,000 बिलियन डॉलर वैल्यू वाली कंपनी ओपनएआई अपनी कमाई कैसे बढ़ाएगी इस पर काफी चर्चा होती रहती है। अब कंपनी ने साफ बता दिया है कि वह विज्ञापन के जरिए कमाई बढ़ाएगी। ओपनएआई ने कहा है कि वह जल्द ही चैटजीपीटी के कुछ यूजर्स को विज्ञापन दिखाना शुरू करेगी। यह जानकारी कंपनी ने शुक्रवार को अपने ब्लॉग पोस्ट में दी। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

किन यूजर्स को विज्ञापन दिखेंगे?

ओपनएआई फिलहाल अमेरिका में एड्स की टेस्टिंग शुरू करेगी। शुरुआत में विज्ञापन इन दो तरह के यूजर्स को दिखेंगे:
1. फ्री टियर: जो लोग बिना पैसे दिए चैटजीपीटी चलाते हैं
2. फ्री टियर: नया प्लान, जिसकी कीमत $8 (लगभग 650-700 रुपये) प्रति महीने है
कंपनी का कहना है कि एड्स से होने वाली कमाई से फ्री सर्विस को चलाने में मदद मिलेगी। अच्छी बात ये है कि अभी के लिए प्लस, प्रो, बिजनेस और इंटरप्राइस जैसे महंगे प्लान पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त रहेंगे। विज्ञापन विज्ञापन
 

We are starting to test ads in ChatGPT free and Go (new $8/month option) tiers.

Here are our principles. Most importantly, we will not accept funds to influence the answer ChatGPT gives you, and we keep your conversations private from advertisers.


It is clear to us that a lot… https://t.co/f9Dv53rWU7 — Sam Altman (@sama) January 16, 2026

विज्ञापन कैसे दिखेंगे?

ये एड्स चैट में हो रही आपकी बातचीत के नीचे दिखेंगे। ये कंटेक्सुअल एड्स होंगे, यानी आप जिस टॉपिक पर बात कर रहे हैं, उसी से जुड़े विज्ञापन दिखेंगे।
यूजर कंट्रोल: आप एड्स को डिसमिस कर सकेंगे और यह भी देख पाएंगे कि आपको वो एड क्यों दिख रहा है। चाहें तो पर्सनलाइजेशन बंद करके टार्गेटेड एड्स रोक सकते हैं।
उम्र सीमा: ओपनएआई ने कहा है कि 18 साल से कम उम्र के यूजर्स को एड्स नहीं दिखाए जाएंगे।

प्राइवेसी और जवाबों पर असर पड़ेगा?

ओपनएआई ने साफ किया है कि विज्ञापन आने के बाद भी चैटजीपीटी के जवाब निष्पक्ष रहेंगे। कंपनी इसे 'आंसर इंडिपेंडेंस' कह रही है, यानी विज्ञापनदाता जवाबों को बदल या प्रभावित नहीं कर पाएंगे। साथ ही, ओपनएआई ने यह भी कहा है कि वह यूजर्स का डाटा विज्ञापनदाताओं को नहीं बेचेगी।

Article Image

ओपनएआई को इससे क्या फायदा होगा?

इस रणनीति से कंपनी को दो फायदे हो सकते हैं:
1. फ्री और गो प्लान वाले यूजर्स से एड्स के जरिए कमाई
2. जिन्हें एड्स पसंद नहीं, वे एड-फ्री महंगे प्लान की तरफ जा सकते हैं
कंपनी का कहना है कि एड्स लाने का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं है, बल्कि इससे उनके मिशन को सपोर्ट मिलेगा ताकि भविष्य में आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) का फायदा पूरी मानवता तक पहुंच सके।

View Original Source