AEPS: ठगों ने लूटने का नया तरीका ढूंढा, इसमें न OTP की जरूरत और न ही PIN की; जानें इससे कैसे बचें

AEPS: ठगों ने लूटने का नया तरीका ढूंढा, इसमें न OTP की जरूरत और न ही PIN की; जानें इससे कैसे बचें

यूटिलिटीज AEPS: ठगों ने लूटने का नया तरीका ढूंढा, इसमें न OTP की जरूरत और न ही PIN की; जानें इससे कैसे बचें

AEPS: स्कैमर्स ने अब आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (AEPS) से भी ठगी शुरू कर दी है. खास बात है कि इस तरह से न तो किसी ओटीपी की जरुरत पड़ती है और न ही किसी पिन की. जानें इससे कैसे बचें…

Written byJalaj Kumar Mishra

AEPS: स्कैमर्स ने अब आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (AEPS) से भी ठगी शुरू कर दी है. खास बात है कि इस तरह से न तो किसी ओटीपी की जरुरत पड़ती है और न ही किसी पिन की. जानें इससे कैसे बचें…

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Jalaj Kumar Mishra 15 Jan 2026 13:41 IST

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AEPS: स्कैमर्स लोगों के साथ अलग-अलग ढंग से ठगी करते हैं. ठगी का एक तरीका ऐसा भी है, जिसमें न तो ओटीपी की जरूरत है और न ही किसी पिन की. ये धोखाधड़ी आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (AEPS) के तहत की जाती है. ऐसी धोखाधड़ी में सिर्फ अकाउंट होल्डर के साथ स्कैम नहीं होता नहीं ठग इन अकाउंट्स को म्यूल अकाउंट के रूप में यूज भी करते हैं. AEPS फ्रॉड में स्कैमर्स टार्गेट की आधार डिटेल्स चुराते हैं. फिर उन डिटेल्स का इस्तेमाल करके पैसों का हेरफेर करते हैं. 

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कैसे होता है AEPS फ्रॉड? 

स्कैमर्स सबसे पहले आधार डेटा, फिंगरप्रिंट और दूसरी डिटेल्स चुराते हैं. कई बार स्कैमर्स लीक डेटा का इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद स्कैमर्स चोरी किए गए डेटा से नकली फिंगरप्रिंट तैयार करते हैं. इसे एईपीएस माइक्रो-एटीएम पर इन्हें यूज करते हैं. ऐसे करके स्कैमर्स आपके खाते को पूरी तरह से खाली किया जाता है.

म्यूल अकाउंट क्या होता है? 

म्यूल अकाउंट्स ऐसे अकाउंट्स होते हैं जिन्हें कई बार खाता धारक या तो किराए पर देते हैं या फिर वे अकाउंट्स कॉम्प्रोमाइज्ड होते हैं. इनका इस्तेमाल ठगी में लेनदेन के लिए किया जाता है. आसान भाषा में बोलें तो आपका अकाउंट स्कैमर्स किराए पर ले लेते हैं या फिर किसी और प्रकार से अकाउंट का एक्सेस हासिल करके लेनदेन करते हैं. 

ऐसे फ्रॉड्स को कैसे रोका जा सकता है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसी ठगी को रोकने का सबसे आसान तरीका जीपीएस इनेबल्ड डिवाइसेज हैं. इन डिवाइस से सिर्फ चुनिंदा जगहों से ही ट्रांजेक्शन होता है. जीपीएस डिवाइस से की गई पेमेंट रिक्वेस्ट अगर रजिस्टर्ड सर्विस एरिया से बाहर होता है तो पेमेंट नहीं होता और ऐसे पेमेंट्स अपने आप फेल हो जाते हैं. जीपीएस वाले डिवाइसेज सिर्फ बैंक फ्रॉड्स को रोकते ही नहीं हैं, बल्कि बैंको और NPCI को इससे फायदा भी हो रहा है. इन डिवाइसेज से फ्रॉड हॉटस्पॉट की पहचानव की जा सकती है. 

आप कैसे बच सकते हैं? 

इन फ्रॉड्स से बचने का एकमात्र रास्ता जागरुक होना ही है. आपको बायोमैट्रिक्स लॉक करना चाहिए. UIDAI की वेबसाइट पर आप अपने आधार और बायोमैट्रिक्स को लॉक कर सकते हैं. अपना आधार किसी अनजान के साथ शेयर न करें. कई बार हम फोटो कॉपी के लिए दुकान पर आधार कार्ड देते हैं और भूल से अपना आधारकार्ड वहीं छोड़ आते हैं. ऐसा करना रिस्की हो सकता है. आप अगर किसी को अपने आधार की फोटो भेजते हैं तो उसे काम होेते ही डिलीट भी कर दीजिए.

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