Ai In Healthcare:आपको डायबिटीज या पेट का कैंसर तो नहीं? बस जीभ देखकर एआई बता देगा सबकुछ - Artificial Intelligence Ai To Diagnose Diabetes And Stomach Cancer From Your Tongue Color

Ai In Healthcare:आपको डायबिटीज या पेट का कैंसर तो नहीं? बस जीभ देखकर एआई बता देगा सबकुछ - Artificial Intelligence Ai To Diagnose Diabetes And Stomach Cancer From Your Tongue Color

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ज्ञानिकों का कहना है कि एआई की मदद से  जीभ की जांच की जांच कर  डायबिटीज और यहां तक कि पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाना आसान हो सकता है।

विज्ञापन artificial intelligence AI to diagnose diabetes and stomach cancer from your tongue color 1 of 5 एआई से चलेगा बीमारियों का पता - फोटो : Amarujala.com Reactions

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दुनियाभर में कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोगों को जागरूक कर दिया जाए, उन्हें बचाव को लेकर सही जानकारी हो तो इससे न सिर्फ समय रहते बीमारी के लक्षणों की पहचान हो सकती है बल्कि गंभीर जटिलताओं से भी बचा जा सकता है। असल में हमारे शरीर की आंतरिक व्यवस्था ऐसी है जिसके चलते शरीर हमें खुद संकेत देता है कि अंदर सबकुछ ठीक है या नहीं? पर अक्सर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं।

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आंखों, त्वचा या पेशाब आदि में नजर आ रहे छोटे-छोटे बदलावों की अगर समय रहते पहचान कर ली जाए तो इससे कई गंभीर समस्याओं का आसानी से पता लगाया जा सकता है। पुराने समय से ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ जीभ देखकर ही कई बीमारियों का पता लगा लिया करते थे। इससे शरीर में संक्रमण, विटामिन्स की कमी, लिवर की समस्या या शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ने का पता चल जाता था। 

अब विशेषज्ञों की टीम ने इसी परंपरा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को जोड़कर ज्यादा सटीक तरीके से स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने का दावा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि एआई की मदद से जीभ की जांच कर डायबिटीज और यहां तक कि पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाना आसान हो सकता है। Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं artificial intelligence AI to diagnose diabetes and stomach cancer from your tongue color 2 of 5 जीभ का रंग देखकर हो सकती है बीमारियों की पहचान - फोटो : freepik.com

जीभ के छोटे-छोटे बदलाव हो सकते हैं बीमारियों का संकेत

डॉक्टर लंबे समय से बीमारियों के निदान के लिए मरीजों की जीभ की जांच करते रहे हैं। 

जीभ के रंग में बदलाव जैसे जीभ पर मोटी सफेद परत इन्फेक्शन का संकेत हो सकती है। जीभ की बनावट जैसे सूखापन, जीभ में दरार को सोजोग्रेन सिंड्रोम जैसी बीमारियों की तरफ इशारा माना जाता रहा है।

इसी क्रम में अब वैज्ञानिकों ने ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम बनाए हैं जो जीभ के रंग, बनावट और आकार की बहुत सटीकता से जांच करके डायबिटीज और पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षणों की जानकारी दे सकती है।

इसका आकलन करने वाली 20 से ज्यादा अध्ययनों की समीक्षा में निष्कर्ष निकाला गया है कि ये बीमारी के लक्षणों को पहचानने में इतने सटीक हैं कि डॉक्टर जल्द ही अस्पतालों में मरीजों का निदान करने के लिए इनका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।

(ये भी पढ़िए- साइंस का चमत्कार, एआई की मदद से लौटी 19 साल से नि:संतान जोड़े की जिंदगी में खुशियां)

विज्ञापन विज्ञापन artificial intelligence AI to diagnose diabetes and stomach cancer from your tongue color 3 of 5 पेट के कैंसर का लगा सकते हैं पता - फोटो : Freepik.com

एआई की मदद से गैस्ट्रिक कैंसर का लग सकता है पता

चाइनीज मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को नई उम्मीद दी है।

साल 2024 में टेक्नोलॉजीज जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में एआई प्रोग्राम ने सिर्फ मरीजों की जीभ की तस्वीर देखकर 60 में से 58 डायबिटीज और एनीमिया के मरीजों का सही पता लगाया था। ये प्रोग्राम जीभ में छोटे-छोटे बदलावों को देखते हैं, जिन्हें बीमार मरीजों की हजोरों तस्वीरों के डेटाबेस का इस्तेमाल करके 'ट्रेन' किया गया है।


एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि एआई जीभ के रंग और बनावट में हल्के बदलावों से गैस्ट्रिक कैंसर का पता लगा सकता है। जीभ में बदलाव जैसे कि मोटी परत, जीभ का रंग का हल्का पड़ना और पाचन तंत्र में सूजन से जुड़े लाल धब्बे इस गंभीर कैंसर का संकेत हो सकते हैं।

जब नए मरीजों पर टेस्ट किया गया, तो एआई ने गैस्ट्रिक कैंसर वाले लोगों की उतनी ही सटीकता से पहचान की, जैसा कि गैस्ट्रोस्कोपी जैसे डायग्नोस्टिक टेस्ट या सीटी स्कैन में होती है।

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4 of 5 हेल्थकेयर में एआई का इस्तेमाल - फोटो : Freepik

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

कोलंबिया की यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी के बायोइन्फॉर्मेटिक्स एक्सपर्ट प्रोफेसर डोंग जू बताते हैं, 'एआई मरीज के क्लिनिकल या हेल्थ से जुड़े डेटा के साथ जीभ की इमेज से भी बीमारियों का पता लगाने में मददगार हो सकता है। यह ऐसे विजुअल्स का पता लगाता है जो स्वस्थ लोगों की तुलना में, किसी खास बीमारियों वाले लोगों में ज्यादा बार दिखाई देती हैं।

जीभ के रंग, सतह की बनावट, नमी, मोटाई, परत, दरारें और सूजन आदि की मदद से एआई बड़ी आसान बीमारियों का पता लगाने में मदद कर सकता है।

विज्ञापन artificial intelligence AI to diagnose diabetes and stomach cancer from your tongue color 5 of 5 जीभ का रंग बताती है सेहत का हाल - फोटो : freepik.com

सेहत का आईना होती है जीभ

विशेषज्ञों  का कहना है कि जीभ का सेहत का एक उपयोगी इंडिकेटर होना कोई हैरानी की बात नहीं है, डॉक्टर वर्षों से बीमारियों का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल करते रहे हैं। किंग्स कॉलेज लंदन में ओरल मेडिसिन और एक्सपेरिमेंटल पैथोलॉजी के प्रोफेसर समन वारनाकुलसुरिया कहते हैं, 'जीभ को सामान्य स्वास्थ्य का आईना कहा जाता है।'

चिकनी जीभ एनीमिया का संकेत हो सकती है, इससे पैपिला यानी जीभ पर स्वाद कलियों वाली गांठें खत्म हो जाती हैं। जीभ का सूखापन डायबिटीज का शुरुआती लक्षण माना जाता है। हाई ब्लड शुगर लेवल बैक्टीरिया और फंगस  को भी बढ़ावा दे सकता है, जिससे पीली परत बन सकती है। पीली या सफेद जीभ एनीमिया का लक्षण है। वहीं जीभ पर एक मोटी सफेद परत संक्रमण का इशारा करती है।

एआई की मदद से जीभ की तस्वीरें लेकर डायबिटीज से लेकर कैंसर तक की समस्या का समय रहते निदान किया जा सकता है। इससे लोगों को तो आसानी होगी ही साथ ही अन्य टेस्ट पर लगने वाला समय पर पैसा भी बचेगा।



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स्रोत
A survey of artificial intelligence in tongue image for disease diagnosis and syndrome differentiation


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