Ajmer Grand Confluence Of Faith Pushkar Lake On Makar Sankranti Thousands Of Devotees Took Dip - Ajmer News
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मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पुष्कर नगरी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के रंगों में सराबोर नजर आई। पुण्यकाल के दौरान सुबह से ही पुष्कर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर दान-पुण्य किया और विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
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मंदिरों, घाटों और बाजारों में दिखा उत्सव
मकर संक्रांति के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों, घाटों और बाजारों में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां पूरे दिन जारी रहीं। जगह-जगह पौष बड़ा का प्रसाद वितरित किया गया। मकर संक्रांति का पुण्यकाल अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दौरान दान-पुण्य, तीर्थ स्नान, भजन-कीर्तन और धर्म-कर्म करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
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मकर संक्रांति का महत्व
सूर्य जब धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस दिन तिल, गुड़, तेल का दान करने और गौ-सेवा का विशेष महत्व है। तीर्थों में स्नान करने से पापों का नाश होता है, जबकि पितरों के लिए पिंडदान और तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
बद्री घाट पर भव्य महाआरती
माघ मास की कृष्ण पक्ष की षटतिला एकादशी के उपलक्ष्य में बुधवार को पुष्कर सरोवर में विशेष स्नान का आयोजन हुआ। शाम को बद्री घाट पर श्री ब्रह्म शक्ति महाआरती संघ की ओर से भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इससे पूर्व सरोवर का दुग्धाभिषेक किया गया, वहीं पंडित रामपाल काला भजनों की प्रस्तुति देंगे।
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पतंगबाजी और आतिशबाजी से रंगा उत्सव
मकर संक्रांति पर पुष्कर में सुबह से शाम तक पतंगबाजी का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों, युवाओं और विदेशी सैलानियों ने भी पतंगबाजी का भरपूर आनंद लिया। दिनभर आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से सजा रहा और ‘वो काटा, वो मारा’ की आवाजें गूंजती रहीं। शाम को आतिशबाजी ने उत्सव को और भव्य बना दिया। इस दौरान लोग दाल के पकौड़े, गुड़ के गुलगुले और तिलपट्टी का स्वाद भी जमकर लिया।