Alex Pretti: कौन थे एलेक्स, जिनकी मौत से अमेरिका में फैला आक्रोश, ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरी भीड़ - alex jeffrey pretti 37 year old icu nurse man killed by a us border patrol officer in minneapolis
: अमेरिका के मिनेसोटा प्रांत के मिनियापोलिस में अमेरिकी सीमा गश्त एजेंटों के एक नर्स को मार डालने से शहर के हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। मृतक एलेक्स प्रेट्टी एक नर्स थे। 37 साल के एलेक्स की मौत के बाद गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर गई है। प्रदर्शनकारियों की संघीय अधिकारियों से तीखी झड़पें हुई हैं। गोलीबारी की घटना के बाद मिनियापोलिस के अलावा न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और लॉस एंजेलिस सहित कई शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं।
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने दावा किया कि एक हथियारबंद व्यक्ति के पास आने के बाद अधिकारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। हालांकि घटनास्थल से सामने आए वीडियो उनकी बात को झुठलाते हैं। वीडियो में प्रेट्टी के हाथ में फोन दिख रहा है, वह कोई हथियार नहीं लिए हुए हैं। इस घटना पर डेमोक्रेटिक पार्टी आक्रामक है। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट नेताओं को निशाना बनाते हुए कहा कि वे अराजकता फैला रहे हैं।
अमेरिका में भड़क रहा गुस्सा
अमेरिका में इस महीने में ये दूसरी घटना है, जब इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (आईसीई) एजेंट ने किसी को गोली मारकर मार डाला है। इससे पहले आठ जनवरी को 37 साल की रेनी निकोल गुड को आईसीई एजेंट ने गोली मार दी थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। मिनेसोटा की ताजा घटना के बाद अमेरिका में गुस्सा भड़क उठा है।
मिनेसोटा के सीनेटरों ने मृतक की पहचान 37 साल के एलेक्स प्रेट्टी के रूप में की, जो मिनियापोलिस के रहने वाले थे। वह पेशे से नर्स और अमेरिकी नागरिक थे। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। उनके परिवार का कहना है कि वह लोगों की बहुत परवाह करते थे और डोनाल्ड ट्रंप की आप्रवासन नीतियों से परेशान थे।
परिवार ने की इंसाफ की मांग
कोलोराडो में रहने वाले प्रेट्टी के माता-पिता ने बताया कि उन्हें शूटिंग के बारे में तब पता चला जब एक रिपोर्टर ने उनसे संपर्क किया। परिवार ने कहा है कि प्रशासन की ओर से हमारे बेटे के बारे में बताई गई घृणित झूठ निंदनीय और घृणित हैं। वीडियो में प्रेट्टी को अपना फोन पकड़े हुए देखा जा सकता है। वह कोई हमलावर नहीं थे।
परिवार ने कहा कि विस्कॉन्सिन में जन्मे प्रेट्टी फुटबॉल, बेसबॉल खेलने और ट्रैक में दौड़ लगाने के लिए दोस्तों में जाने जाते थे। उन्होंने 2011 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा से जीव विज्ञान और पर्यावरण में डिग्री हासिल करने के बाद एक शोध वैज्ञानिक के रूप में काम किया। बाद में पंजीकृत नर्स बनने के लिए स्कूल लौट आए।
प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर लेते थे हिस्सा
प्रेट्टी की पूर्व पत्नी ने एपी से कहा कि उन्होंने मिनियापोलिस में 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। वह विरोध प्रदर्शनों में मुखर थे लेकिन शारीरिक रूप से टकराव करने वाले नहीं थे। प्रेट्टी के पड़ोसियों ने उन्हें शांत, मददगार और लोगों के लिए हमेशा खड़े रहने वाला शख्स बताया।