Ankita Murder Case:अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच का निर्णय, दून में आठ फरवरी को होगी महापंचायत - Ankita Murder Case Justice Yatra Joint Struggle Forum Decides To Hold Mahapanchayat In Dehradun On 8 February

Ankita Murder Case:अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच का निर्णय, दून में आठ फरवरी को होगी महापंचायत - Ankita Murder Case Justice Yatra Joint Struggle Forum Decides To Hold Mahapanchayat In Dehradun On 8 February

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अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के खुलासे और उसे बचाने में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए आठ फरवरी को देहरादून में महापंचायत होगी। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की शहीद स्मारक में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

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मंच की कमला पंत ने कहा कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से वीआईपी को केंद्र में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की थी लेकिन केवल अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति की गई है। आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट होता है कि अब भी वीआईपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। विज्ञापन विज्ञापन

संघर्ष मंच के मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की थी, उसी ज्ञापन को एफआईआर मानते हुए सीबीआई जांच का आधार बनाया जाना चाहिए था। लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने अचानक सामने आई अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर को सीबीआई जांच का आधार बनाया। जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।

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मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि यह आश्चर्यजनक कि बात है कि जिस उर्मिला सनावर को पुलिस और खुफिया विभाग तक खोज नहीं पा रह थे, वह कई दिनों बाद अचानक दर्शन भारती के साथ दिखाई दी। उन्होंने कहा कि प्रकरण में दर्शन भारती के फोन की भी जांच की जाए कि वह कितने समय से उर्मिला सनावर के संपर्क में थे। बैठक में पीसी. थपलियाल, सुजाता पॉल, समदर्शी बर्तवाल, पद्मा गुप्ता, संजीव घिल्डियाल, कमलेश खंतवाल, विमला कोली, आशुतोष कोठारी, सोनिया आनंद, राजू सिंह, स्मृति नेगी, मंजू बलोदी, तुषार, कृष्णा सकलानी, हेमलता नेगी आदि ने विचार रखे।

कुछ अन्य प्रमुख मांगें
सीबीआई जांच के लिए बनाई गई अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर को रद्द किया जाए एवं उनकी भूमिका की जांच हो। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वंतरा रिसॉर्ट को ढहाने का आदेश देने वाले व्यक्ति, व्यक्तियों की जांच की जाए और इसे सबूत मिटाने का अपराध मानते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

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