अरुण गोविल ने एआर रहमान को दिया जवाब, पूछा- अगर कम्यूनल भेदभाव होता सलमान-शाहरुख कैसे स्टार बनते? - arun govil reaction on ar rahman statement says if there were communal bias how would shah rukh salman khan have become stars

अरुण गोविल ने एआर रहमान को दिया जवाब, पूछा- अगर कम्यूनल भेदभाव होता सलमान-शाहरुख कैसे स्टार बनते? - arun govil reaction on ar rahman statement says if there were communal bias  how would shah rukh salman khan have become stars

ऑस्कर विनर संगीतकार एआर रहमान के एक बयान ने पूरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अब एक्टर और पॉलीटीशियन अरुण गोविल ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री विविधता का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहां सभी धर्मों और बैकग्राउंड के लोगों को काम के मौके मिलते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि सांप्रदायिक भेदभाव के कारण लोगों को काम न मिला हो। एक्टर ने शाहरुख खान और सलमान खान का भी उदाहरण दिया।

अरुण गोविल ने 23 जनवरी को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ (FWICE) और सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के एक कार्यक्रम में एआ रहमान के बयान पर रिएक्ट किया, जिसमें संगीतकार ने कहा था पिछले आठ वर्षों में हिंदी फिल्म उद्योग में उन्हें काम के कम अवसर मिले हैं। रहमान ने इसके लिए सांप्रदायिकता को जिम्मेदार ठहराया था।

एआर रहमान के बयान पर अरुण गोविल

अरुणल गोविल ने दिलीप कुमार, शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे अभिनेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री समावेशिता को बढ़ावा देता है। न्यूज एजेंसी 'पीटीआई-भाषा' से कहा, 'हमारे हिंदी फिल्म उद्योग में ऐसा कभी नहीं हुआ है कि सांप्रदायिक भेदभाव के कारण लोगों को काम न मिला हो। हालांकि, फिल्म जगत में इसके उदाहरण मौजूद हैं। हमारे फिल्म जगत में हर धर्म के लोग काम करते आए हैं। आज भी ऐसी कोई बात नहीं है। वास्तव में, फिल्म उद्योग ही एकमात्र ऐसा उद्योग है जहां सांप्रदायिक भेदभाव नहीं है।'

अरुण गोविल ने तीनों खान का किया जिक्र

उन्होंने कहा, 'पहले दिलीप कुमार जैसे अभिनेता थे, वो अपने समय में फिल्म जगत के बादशाह थे। आज भी शाहरुख, सलमान, आमिर जैसे फिल्मस्टार हैं। अगर सांप्रदायिक भेदभाव होता तो ये स्टार कैसे बनते?' रहमान ने बाद में 18 जनवरी को सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया और उनका इरादा कभी भी किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था।

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