Ayodhya:राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश...आरोपी अब्दुल अहद शेख के इलाज में लगी चार डॉक्टरों की टीम - Ayodhya: Attempt To Offer Prayers At The Ram Temple... A Team Of Four Doctors Is Treating The Accused, Abdul A
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राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाले कश्मीर के अब्दुल अहद शेख के इलाज में चार डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। यह टीमें समय-समय पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। श्रीनगर के शोपियां निवासी अब्दुल अहद शेख (55) शनिवार को श्रद्धालुओं की सूचना पर राम मंदिर के परकोटे के पास से हिरासत में लिया गया था।
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उस पर रामलला के दर्शन के बाद दक्षिणी परकोटे के पास नमाज पढ़ने की कोशिश करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसके रिकॉर्ड खंगाले तो वह मानसिक रोगी बताया गया। परिजनों के संपर्क के बाद मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर उसे मानसिक रोगी मानकर मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में भर्ती करा दिया गया।
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रविवार से ही मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग में उसका इलाज चल रहा है। उसकी निगरानी में मानसिक रोग विभाग के अलावा मेडिसिन, टीबी एंड चेस्ट और ईएनटी विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। अलग-अलग चिकित्सकों की टीम उसके सेहत पर नजर रख रही है। हालांकि, अभी तक उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की मांग पर उसकी मेडिकल हिस्ट्री यहां से तैयार करने का दावा किया जा रहा है।
साथ में लेकर चल रहा था दवाओं का पर्चा
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार अब्दुल अहद शेख के पास दवाएं तो नहीं मिलीं, लेकिन वह अपने साथ दवाओं का पर्चा लेकर चल रहा था। उसी पर्चे के आधार पर उसका इलाज हो रहा है। उसके परिजन सोमवार की सुबह आठ बजे तक दिल्ली पहुंचे थे, जिनके देर रात तक अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। तब तक उसकी निगरानी में सादी वर्दी में दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो तीमारदारी भी कर रहे हैं। फिलहाल बेहद संवेदनशील हो चुके इस मामले पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोग कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं।
मानसिक रोग की आंड़ में निरुत्तर हैं कई सवाल
अब्दुल अहद शेख के मानसिक रोगी होने की आंड़ में कई सवाल निरुत्तर हैं। सवाल है कि वह रेलवे स्टेशन से उतरकर सीधे राम मंदिर ही क्यों गया? मानसिक रोगी होते हुए भी उसे राम मंदिर का सटीक रास्ता कैसे मालूम था? बगैर किसी सुरक्षाकर्मी से बात किए उसने मंदिर के मुख्य द्वार पर अंदर जाने की सभी प्रक्रिया सहजतापूर्वक कैसे अपनाई? ऐसे ही कई सवालों के जवाब अब तक सार्वजनिक नहीं हो सके हैं, जो आमजन के जेहन में कौतूहल का विषय बने हैं।