Bangladesh:भारत में हसीना के सार्वजनिक भाषण से तिलमिलाया बांग्लादेश, अपदस्थ Pm के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई - Bangladesh Raises Concern Over Hasina's Address In India

Bangladesh:भारत में हसीना के सार्वजनिक भाषण से तिलमिलाया बांग्लादेश, अपदस्थ Pm के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई - Bangladesh Raises Concern Over Hasina's Address In India

बांग्लादेश ने रविवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने की अनुमति दिए जाने पर चिंता जताई। अंतरिम सरकार ने कहा कि हसीना के बयान आम चुनाव से पहले देश की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

पड़ोसी देश के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस बात से 'हैरान' और 'आहत' है कि शेख हसीना को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलने और अंतरिम सरकार के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियां करने की अनुमति दी गई। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने यह जानकारी दी। बयान में कहा गया कि इस तरह की गतिविधियां बांग्लादेश के लोकतांत्रिक प्रक्रिया, शांति और सुरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से खतरा हैं। विज्ञापन विज्ञापन

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2024 में ढाका से भागकर भारत आ गई थीं हसीना
शेख हसीना (78 वर्षीय) अगस्त 2024 में अपनी सरकार के पतन के बाद ढाका से भागकर भारत आ गई थीं। छात्रों के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद उनकी सरकार का पतन हो गया था। 

यूनुस सरकार ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई
विदेश मंत्रालय ने भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर लंबित अनुरोधों का भी जिक्र किया। बयान में कहा गया कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद शेख हसीना को सौंपने के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है, जबकि उन्हें भारतीय धरती से राजनीतिक बयान देने की अनुमति दी जा रही है, जिससे बांग्लादेश असंतुष्ट है।

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इसमें कहा गया कि इस तरह की कार्रवाइयां दोनों देशों के बीच आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और अच्छे पड़ोसी संबंधों के मानकों के विपरीत हैं। बयान में यह भी कहा गया कि अवामी लीग नेतृत्व की ओर से दिए जा रहे भड़काऊ बयानों से यह स्पष्ट होता है कि अंतरिम सरकार ने पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध क्यों लगाया है।

हसीना ने सार्वजनिक भाषण में क्या कहा?
शेख हसीना ने शुक्रवार को बांग्लादेश की जनता से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यदि यह सरकार सत्ता में बनी रहती है तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे। ढाका से भागने के बाद भारत में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने पहले संबोधन में अवामी लीग नेता ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र को बांग्लादेश में पिछले एक वर्ष की घटनाओं की 'वास्तव में निष्पक्ष जांच' करनी चाहिए। 



 

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