Being Exposed To Cold Can Lead To Hypothermia; Keep Your Body Covered. - Gurugram News
नागरिक अस्पताल में रोजाना एक से दो हाइपोथर्मिया के मरीज आ रहे सामने
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बढ़ती ठंड के चलते हाइपोथर्मिया की समस्या के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। बीते कुछ दिन से तापमान में आई गिरावट के कारण ठंड का असर इतना बढ़ गया है कि सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में रोजाना एक से दो मरीज हाइपोथर्मिया के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, हाइपोथर्मिया की स्थिति में शरीर का तापमान सामान्य 98.6 डिग्री फाॅरेनहाइट से गिरकर 95 डिग्री या उससे नीचे पहुंच जाता है, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने ठंड से बचाव, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
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लक्षण
-तेज कंपकंपी
-अत्यधिक थकान
- भ्रम की स्थिति
- बोलने में दिक्कत
- अनिंद्रा
- मांसपेशियों में अकड़न
- सांस लेने में दिक्कत
(बच्चों में इसके लक्षण अलग होते हैं, जिनमें त्वचा का लाल और ठंडा हो जाना प्रमुख है।
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करने से बचें
- ठंडे पदार्थों का सेवन न करें
- ठंडे पानी से नहीं नहाएं
- बिना डाॅक्टर के जांच दवा न लें
कपड़ों की लेयरिंग बढ़ाए
सर्दियों के मौसम में शरीर को ठंड से बचाने के लिए कपड़ों की लेयरिंग बढ़ाना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग केवल एक ही स्वेटर पहनकर ठंड से बचने की कोशिश करते हैं, जो पर्याप्त नहीं होता है। अत्यधिक ठंड के दौरान व्यक्ति को घर के अंदर हो या बाहर, कम से कम तीन से चार परतों में कपड़े पहनने चाहिए। कपड़ों की सही लेयरिंग से शरीर में गर्माहट बनी रहती है और हाइपोथर्मिया जैसी समस्याओं से बचाव संभव होता है।
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सर्दियों में शरीर को पूरी तरह ढककर रखें और ठंडा खाने-पीने से बचें। ठंड के असर से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। यदि शरीर में अत्यधिक ठंड, कंपकंपी या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर को दिखाएं, ताकि हाइपोथर्मिया जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सके। - डाॅ. काजल, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल