Bhopal:जहरीले पानी के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, हो रही स्किन की बीमारी, डॉक्टर के पर्चे लेकर पहुंचे रहवासी - Bhopal: Public Anger Erupts Over Contaminated Water; Residents Complain Of Skin Diseases And Arrive With Docto

Bhopal:जहरीले पानी के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, हो रही स्किन की बीमारी, डॉक्टर के पर्चे लेकर पहुंचे रहवासी - Bhopal: Public Anger Erupts Over Contaminated Water; Residents Complain Of Skin Diseases And Arrive With Docto

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भोपाल में दूषित पानी की शिकायतों के बीच मंगलवार को पहली बार शहर के सभी 85 वार्डों में ‘जल सुनवाई’ आयोजित की गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह सुनवाई दोपहर 1 बजे तक चली, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने पेयजल से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
इसी दौरान निशातपुरा के ब्रिज विहार इलाके के रहवासी पानी की गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम के आईएसबीटी स्थित कार्यालय पहुंचे। रहवासियों का आरोप है कि निगम उन्हें कार्बाइड मिला जहरीला पानी पीने के लिए मजबूर कर रहा है। विरोध जताने पहुंचे लोगों ने कार्यालय परिसर के बाहर नारेबाजी की और साफ पानी की मांग उठाई। विज्ञापन विज्ञापन


पानी पीने से बीमारियां, पर्चे लेकर पहुंचे लोग
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि दूषित पानी के सेवन से त्वचा और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। कई रहवासी डॉक्टरों द्वारा लिखे गए इलाज के पर्चे भी साथ लेकर पहुंचे थे, ताकि यह साबित किया जा सके कि बीमारी की वजह खराब पानी है। विरोध के दौरान हाथों में पोस्टर लिए महिलाएं और एक छोटी बच्ची भी नजर आई।

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हर मंगलवार होगी जल सुनवाई
प्रदेश में लगातार सामने आ रहे दूषित पानी के मामलों के बाद सरकार ने हर मंगलवार ‘जल सुनवाई’ आयोजित करने का फैसला लिया है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक करीब 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा भोपाल के आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर, खानूगांव और हरिपुरा जैसे इलाकों में भी पानी की गुणवत्ता खराब मिलने पर भूजल के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।

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वार्ड स्तर पर होगी जांच
नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने निर्देश दिए हैं कि जल सुनवाई हर वार्ड कार्यालय में आयोजित की जाए। इस दौरान लोग पानी के नमूने भी जमा कर सकेंगे। जल के नमूनों की जांच रंग, स्वाद, गंध, पीएच, टीडीएस, टरबिडिटी, क्लोराइड, कठोरता, रेसिडुअल क्लोरीन, कोलीफार्म और ई-कोलाई जैसे मानकों पर की जाएगी। निगम अधिकारियों का कहना है कि जल गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित क्षेत्र में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
 

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