Bihar Cm Fellowship Program:आज से शुरू हो गई सीएम फेलोशिप योजना, कैसे-किसे मिलेगा फायदा, जानिए सब कुछ - Bihar News: The Cm Fellowship Scheme Has Started In Bihar Today Iim Bodh Gaya Iprd News Job Alert
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में युवाओं को शासन और नीति निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। सरकार ने मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (सीएमएफएस) की शुरुआत की है। इस योजना की औपचारिक जानकारी मंगलवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। यह योजना बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहयोग से लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना बिहार सरकार और आईआईएम बोधगया की संयुक्त पहल है, जिसके तहत प्रतिभाशाली और योग्य युवाओं को प्रशासनिक नवाचार, नीति निर्माण और विकास प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। योजना के तहत कुल 121 फेलोज का चयन किया जाएगा।
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नगर निगम से मुख्यमंत्री सचिवालय तक होगी तैनाती
आईआईएम बोधगया के निदेशक ने बताया कि योजना का उद्देश्य राज्य के योग्य युवा विशेषज्ञों को नीति निर्माण और क्रियान्वयन से जोड़ना है। चयनित फेलोज को पहले आईआईएम बोधगया में 40 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद दो वर्षों के लिए इन्हें नगर निगम, जिला समाहरणालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सचिवालय के विभिन्न विभागों, विकास आयुक्त कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों में संबद्ध किया जाएगा।
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80 हजार से 1.50 लाख रुपये तक मानदेय
फेलोज को उनके अनुभव और योग्यता के आधार पर 80 हजार से लेकर एक लाख 50 हजार रुपये तक मासिक मानदेय दिया जाएगा। नगर निगम, डीएम और प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में संबद्ध फेलोज के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा, जिन्हें 80 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। विभिन्न विभागों में छह वर्ष के अनुभव वाले फेलोज को एक लाख रुपये, विकास आयुक्त और मुख्य सचिव कार्यालय में आठ वर्ष के अनुभव पर 1.25 लाख रुपये तथा उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में दस वर्ष के अनुभव वाले फेलोज को 1.50 लाख रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। फेलोशिप अवधि पूरी होने पर आईआईएम बोधगया की ओर से ‘लोक नीति एवं सुशासन’ में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण पत्र और बिहार सरकार की ओर से कार्य अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
45 वर्ष तक के बिहार निवासी कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के लिए केवल बिहार के मूल निवासी ही पात्र होंगे। आवेदक की अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रबंधन, नीति, विकास अध्ययन, लोक प्रशासन, क्षेत्रीय नियोजन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी या संबंधित विषयों में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य होगी। साथ ही कैट, जीमैट, जीआरई, गेट, यूजीसी-नेट या सीएसआईआर-नेट में वैध स्कोर होना आवश्यक है। हालांकि राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर डिग्री धारकों को प्रवेश परीक्षा स्कोर से छूट दी जाएगी।
चार चरणों में आवेदन और साक्षात्कार
योजना के तहत आवेदन और साक्षात्कार चार चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसंबर 2025 और साक्षात्कार 27–28 दिसंबर को होंगे। दूसरे चरण में आवेदन 31 दिसंबर तक और साक्षात्कार 10–11 जनवरी 2026 को, तीसरे चरण में आवेदन 15 जनवरी तक और साक्षात्कार 24-25 जनवरी को तथा चौथे चरण में आवेदन 16 से 31 जनवरी 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे, जिनके साक्षात्कार 7–8 फरवरी 2026 को होंगे।
मार्च में घोषित होगा परिणाम
बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के अधिकारियों ने बताया कि सफल अभ्यर्थियों की सूची मार्च 2026 के पहले सप्ताह में जारी की जाएगी। इसके बाद मार्च के दूसरे या तीसरे सप्ताह में प्रशिक्षण शुरू होगा और अप्रैल 2026 से फेलोज विभिन्न कार्यालयों में कार्यभार संभालेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन आईआईएम बोधगया की वेबसाइट पर कर सकते हैं। आवेदन पूरी तरह निशुल्क है। प्रेस वार्ता में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के प्रशासनिक पदाधिकारी राशीद कलीम अंसारी, विशेष कार्य पदाधिकारी सतीश रंजन सिन्हा, सामान्य प्रशासन विभाग की जनसंपर्क पदाधिकारी नुपुर झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।