Bihar News:कृषि विभाग एवं नाबार्ड के बीच ऐतिहासिक समझौता, किसानों को मिलेगा सस्ता ऋण - Bihar Agriculture Loan Subsidy 1 Percent Interest Nabard Mou Farmer Credit Scheme

Bihar News:कृषि विभाग एवं नाबार्ड के बीच ऐतिहासिक समझौता, किसानों को मिलेगा सस्ता ऋण - Bihar Agriculture Loan Subsidy 1 Percent Interest Nabard Mou Farmer Credit Scheme

विस्तार Follow Us

किसानों को सस्ती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार सरकार और नाबार्ड के बीच 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह भी मौजूद थे। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

यह समझौता वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के किसानों को अतिरिक्त ब्याज राहत प्रदान की जाएगी। इससे किसानों पर ऋण का बोझ कम होगा, संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में निवेश, उत्पादन तथा आय वृद्धि को नई गति मिलेगी। विज्ञापन विज्ञापन

कृषि विभाग की ओर से सौरभ सुमन यादव, कृषि निदेशक, बिहार, पटना, सुशील कुमार, संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी), मुख्यालय, बिहार, पटना तथा वाशिद इकबाल, सहायक निदेशक (सांख्यिकी), बिहार, पटना ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। वहीं नाबार्ड की ओर से भोला प्रसाद सिंह, उप महाप्रबंधक, विजय कुमार, सहायक महाप्रबंधक और सात्विक सत्यकाम देवता, सहायक प्रबंधक द्वारा एमओयू पर विधिवत हस्ताक्षर किए गए।

भारत सरकार द्वारा कृषि ऋण पर दिए जाने वाले 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के अतिरिक्त राज्य सरकार की योजना मद से 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके तहत राज्य के किसान वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों से 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण तथा अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर 1 प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान प्राप्त कर सकेंगे। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो निर्धारित अवधि के भीतर ऋण का भुगतान करेंगे।

यह भी पढ़ें- Bihar Crime: आरा सिविल कोर्ट में दहेज केस की सुनवाई के दौरान हिंसा, हमले से महिला गंभीर घायल; मची अफरातफरी

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों पर कृषि ऋण के ब्याज का बोझ कम करना है, ताकि किसान अधिक से अधिक संस्थागत ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित हों। इसके प्रभाव से किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशी, सिंचाई सहित अन्य कृषि आदानों में निवेश कर सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

नाबार्ड को इस योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य एजेंसी नामित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार द्वारा कृषि ऋण पर 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान हेतु पांच करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती के लिए कृषि ऋण प्रदान किया जाता है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना राज्य के किसानों के लिए आर्थिक संबल का कार्य करेगी और उन्हें समय पर संस्थागत ऋण प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से किसान उन्नत बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण और नवीन तकनीकों में निवेश कर सकेंगे, जिससे उत्पादकता, गुणवत्ता और आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित होगी।

कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि नाबार्ड के सहयोग से योजना का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाएगा। यह समझौता बिहार सरकार की किसान हितैषी नीतियों, वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और ग्रामीण समृद्धि को स्थायी आधार प्राप्त होगा।

View Original Source