Bihar Weather: बिहार से कोल्ड वेव को गुडबाय, जानिए कब मिलेगा रजाई और कंबल से छुटकारा - bihar weather forecast for 7 days patna weather currently winter is leaving state soon ara gaya muzaffarpur mausam live update
बिहार में 20 जनवरी 2026 से मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन ठंड का असर पूरे सप्ताह बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह और रात के समय ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। सोमवार की बात करें तो पटना समेत कई जिलों में धूप ने लोगों को बड़ी राहत दी है।
कितना रहा बिहार का अधिकतम तापमान, जानिए
पटना का अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो जनवरी महीने का सबसे अधिकतम तापमान है। हालांकि रात और दिन में ठंड से राहत नहीं मिली है। वहीं बिहार में सोमवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान कैमूर में दर्ज किया गया जो 29.1 डिग्री सेल्सियस है।
बिहार में कहां सबसे ज्यादा लुढ़का रहा पारा
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस सबौर (भागलपुर) में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 6.2 – 13.4 डिग्री के बीच रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश स्थानों के न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। सबसे कम न्यूनतम दृश्यता 25 मीटर भागलपुर में दर्ज की गई।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने की अगले 7 दिन की भविष्यवाणी
अगले 7 दिनों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले 2 दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के एक दो स्थानों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाए होने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में 2-4°C की वृद्धि होने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के न्यूनतम तापमान में 2-4°C की वृद्धि होने की संभावना है। इस पूर्वानुमान से अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि बिहार से ठंड की विदाई होनी शुरू हो गई है। पिछले कुछ सालों में पहली बार बसंत सही में बसंत के जैसा दिखने की उम्मीद है। लेकिन फिर भी लोगों को कुछ दिनों तक भोर के समय और रात के वक्त ठंड से बचना जरूरी है। माना जा रहा है कि फरवरी के तीसरे हफ्ते से रजाई और कंबल समेटने का वक्त आ जाएगा।