Blackening Of The Groom Scotland,इस देश में शादी करने वाले दूल्हे की होती है पिटाई, एक रस्म में तो करते हैं गंदा, और फिर लोगों की छूटती है हंसी - scotland country where groom beaten ritual is popular strange things followed here - Relationship News

Blackening Of The Groom Scotland,इस देश में शादी करने वाले दूल्हे की होती है पिटाई, एक रस्म में तो करते हैं गंदा, और फिर लोगों की छूटती है हंसी - scotland country where groom beaten ritual is popular strange things followed here - Relationship News

आमतौर पर शादी को खुशियों, संगीत और नाच-गानों से घिरा दिन मानते हैं। हर कोई चाहता है कि दूल्हा-दुल्हन की जिंदगी की नई शुरुआत प्यार और सम्मान के साथ हो। लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां शादी के दिन दूल्हे का स्वागत फूलों से नहीं, बल्कि कीचड़ फेंककर और हल्की मारपीट करके किया जाता है।

यह परंपरा स्कॉटलैंड के कुछ हिस्सों में निभाई जाती है, जिसे “ब्लैकनिंग ऑफ द ग्रूम” कहा जाता है। इस रस्म में दूल्हे को कीचड़, अंडे और गंदी चीजों से धो दिया जाता है। वहां के लोगों का मानना है कि इससे दूल्हा आने वाली जिंदगी की मुश्किलों के लिए मजबूत बनता है। उनके लिए यह अपमान नहीं, बल्कि हंसी-मजाक और परंपरा का हिस्सा है। (All Representative photos: pexels.com)

कहां निभाते हैं ये परंपरा?

कहां निभाते हैं ये परंपरा?

यह अनोखी और थोड़ी अजीब लगने वाली रस्म स्कॉटलैंड के कुछ इलाकों में निभाई जाती है, जिसे “ब्लैकनिंग ऑफ द ग्रूम” कहते हैं। इस परंपरा में शादी से पहले दूल्हे को उसके दोस्त और रिश्तेदार मजाकिया अंदाज में पकड़ लेते हैं। इसके बाद उसके पूरे शरीर पर कीचड़, राख, गंदगी, अंडे और कई बार बदबूदार चीजें भी लगा दी जाती हैं। दूल्हे को इस हालत में गांव या इलाके में भी घुमाया जाता है। वहां के लोगों का मानना है कि यह रस्म दूल्हे को आने वाली शादीशुदा जिंदगी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।

दूल्हे की क्यों की जाती है पिटाई?

दूल्हे की क्यों की जाती है पिटाई?

इस रस्म के दौरान दूल्हे को सिर्फ गंदगी में नहीं लपेटा जाता, बल्कि उसके साथ हल्की-फुल्की मारपीट भी की जाती है। यह सब मजाक और परंपरा के तौर पर किया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे दूल्हा मानसिक रूप से मजबूत बनता है और शादी के बाद आने वाली परेशानियों के लिए तैयार होता है। उनका विश्वास है कि जो इंसान इस रस्म के दौरान अपमान और थोड़ा दर्द सह लेता है, वह आगे चलकर वैवाहिक जीवन की चुनौतियों को भी धैर्य और समझदारी से झेल पाता है।

पूरे गांव में घुमाते हैं दूल्हे को

पूरे गांव में घुमाते हैं दूल्हे को

इस रस्म के बाद दूल्हे को उसी गंदी हालत में पूरे गांव या कस्बे में घुमाया जाता है। रास्ते में लोग उसे देखकर हंसते हैं, मजाक करते हैं और तस्वीरें भी खींचते हैं। कई लोग इस मौके को एक तरह के मनोरंजन के रूप में देखते हैं। बाहर से देखने वालों को यह भले ही अपमानजनक या अजीब लगे, लेकिन वहां के लोगों के लिए यह शर्मिंदगी नहीं है। उनके समाज में इस रस्म को खुशी, आपसी मेलजोल और सदियों पुरानी परंपरा के रूप में स्वीकार किया जाता है।

परंपरा के पीछे की क्या है मान्यता?

परंपरा के पीछे की क्या है मान्यता?

स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस रस्म को निभाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं। उनका मानना है कि गंदगी और अपमान के जरिए दूल्हे को बुरी ताकतों से बचाया जाता है। इसके साथ ही यह परंपरा दूल्हे को अहंकार से दूर रखने और उसे जमीन से जोड़े रखने का प्रतीक मानी जाती है। लोग इसे सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि जीवन का सबक समझते हैं। यह रस्म पूरे समुदाय को एक साथ जोड़ती है।

आज भी क्यों कायम है ये रस्म?

आज भी क्यों कायम है ये रस्म?

दुनिया भले ही तेजी से मॉडर्न हो रही हो, लेकिन स्कॉटलैंड के कुछ इलाकों में लोग आज भी अपनी पुरानी सांस्कृतिक पहचान को संभालकर रखना चाहते हैं। यही वजह है कि यह परंपरा अब भी जिंदा है। नई पीढ़ी इसे सजा या अपमान नहीं मानती, बल्कि हंसी-मजाक और उत्सव के रूप में निभाती है। दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ यह रस्म उनके लिए यादगार पल बन जाती है। इस तरह वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं और पुरानी परंपराओं को नए दौर में भी आगे बढ़ाते हैं।

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