कौन बनेगा बीएमसी मेयर?:महाराष्ट्र में शिवसेना पार्षदों की किलेबंदी, होटल पॉलिटिक्स पर राउत ने पूछा- डर किसे? - Bmc Mayor: Why Shiv Sena Corporators Were Shifted To Hotel? Sanjay Raut Questions Political Fear Game

कौन बनेगा बीएमसी मेयर?:महाराष्ट्र में शिवसेना पार्षदों की किलेबंदी, होटल पॉलिटिक्स पर राउत ने पूछा- डर किसे? - Bmc Mayor: Why Shiv Sena Corporators Were Shifted To Hotel? Sanjay Raut Questions Political Fear Game

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुई राजनीतिक हलचल के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना द्वारा अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में शिफ्ट करने पर तंज कसते हुए पूछा 'आखिर डर किसे है? और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं

नतीजों के तुरंत बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने सभी 29 पार्षदों को मुंबई के एक पांच सितारा होटल में भेज दिया। पार्टी की ओर से इसे ओरिएंटेशन वर्कशॉप बताया गया, ताकि पार्षदों को देश की सबसे अमीर नगर पालिका बीएमसी के कामकाज की जानकारी दी जा सके। विज्ञापन विज्ञापन

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा कि भाजपा भी अपने पार्षदों को सुरक्षित जगह ले जाने की तैयारी में है, जो यह दिखाता है कि अंदरखाने राजनीतिक अस्थिरता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हैं और इधर मुंबई में पार्षदों को होटल में शिफ्ट किया जा रहा है यह स्थिति हास्यास्पद है।
 

#WATCH | Mumbai: At a press conference, Shiv Sena (UBT) Leader Sanjay Raut says, "... Narendra Modi wants BJP's Mayor, but he did not explain how. The BJP does not have a complete mandate. Shinde Sena’s winning candidates are being kept in the Taj Lands End Hotel, almost like… pic.twitter.com/MPq7GQ9cfQ

— ANI (@ANI) January 19, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी राउत ने पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने मुंबई में कांग्रेस को हरा दिया। राउत ने याद दिलाया कि पिछले 25 वर्षों तक बीएमसी पर शिवसेना का शासन रहा, जबकि कांग्रेस और भाजपा लंबे समय तक यहां हाशिए पर रहीं।


Article Image

हाल ही में हुए बीएमसी चुनाव में 227 सदस्यीय सदन में भाजपा ने 89 सीटें, शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटें, जबकि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) ने 65 सीटें जीतीं। एमएनएस को 6 सीटें मिलीं। इस गणित के चलते मेयर पद को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो गई है।

View Original Source