Budget 2026: ब्रिटिश परंपरा से लेकर हिंदू मान्यताओं तक, जानिए बजट के लाल रंग से जुड़ी पूरी कहानी
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Budget 2026: हर साल बजट के साथ दिखने वाला लाल ब्रीफकेस लोगों की जिज्ञासा बढ़ाता है. इसकी जड़ें ब्रिटिश परंपरा और हिंदू मान्यताओं से जुड़ी हैं, जो शक्ति, शुभता और बड़े आर्थिक फैसलों का प्रतीक मानी जाती हैं.
Written byDeepak Kumar
Budget 2026: हर साल बजट के साथ दिखने वाला लाल ब्रीफकेस लोगों की जिज्ञासा बढ़ाता है. इसकी जड़ें ब्रिटिश परंपरा और हिंदू मान्यताओं से जुड़ी हैं, जो शक्ति, शुभता और बड़े आर्थिक फैसलों का प्रतीक मानी जाती हैं.
Deepak Kumar 14 Jan 2026 14:17 IST
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Budget 2025: बजट भाषण को सुनने के लिए न हो परेशान, जानें कहां से ले सकेंगे पूरी जानकारी Photograph: (Social Media)
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में देश का आम बजट पेश करेंगी. बजट को लेकर मिडिल क्लास से लेकर अमीर वर्ग तक सभी की नजरें टिकी रहती हैं. टैक्स, महंगाई, योजनाएं और राहत- सब कुछ बजट से जुड़ा होता है. लेकिन बजट के साथ एक चीज सालों तक चर्चा में रही है, और वह है बजट का लाल रंग का ब्रीफकेस या फाइल.
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हर साल बजट के दिन संसद में वित्त मंत्री के हाथ में दिखाई देने वाली लाल रंग की फाइल लोगों के मन में सवाल पैदा करती रही है कि आखिर बजट हमेशा लाल रंग में ही क्यों लाया जाता है. बता दें कि पहले बजट चमड़े के लाल ब्रीफकेस में पेश होता था, हालांकि अब कागज रहित बजट को लाल रंग के इलेक्ट्रॉनिक टैब में लाया जाता है.
लाल रंग और बजट का ऐतिहासिक संबंध
बजट और लाल रंग का रिश्ता ब्रिटिश शासन से जुड़ा हुआ है. ब्रिटेन में सरकारी और वित्तीय दस्तावेजों को लाल रंग के कवर में रखने की परंपरा थी. वहां लाल रंग को सत्ता, गंभीरता और बड़े फैसलों का प्रतीक माना जाता था. साल 1860 में ब्रिटेन के चांसलर विलियम ग्लैडस्टोन ने पहली बार लाल चमड़े के ब्रीफकेस में बजट पेश किया था. उसी परंपरा को भारत में भी अपनाया गया. भारत का पहला बजट भी 1860 में पेश हुआ और तभी से लाल फाइल बजट की पहचान बन गई. आजादी के बाद भी यह परंपरा चलती रही. लाल फाइल सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि बजट की गंभीरता और महत्व का प्रतीक बन गई.
लाल रंग का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
हिंदू धर्म में लाल रंग को शुभता, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यह रंग देवी लक्ष्मी से जुड़ा है, जो धन और वैभव की देवी हैं. धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों में लाल रंग का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि लाल रंग नई शुरुआत के लिए शुभ होता है और सकारात्मक ऊर्जा देता है. ज्योतिष में भी लाल रंग को उत्साह, आत्मविश्वास और बाधाओं को दूर करने वाला माना गया है.
कब बदली परंपरा?
साल 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को चमड़े के ब्रीफकेस की बजाय लाल कपड़े में पेश कर परंपरा बदली. इसे औपनिवेशिक सोच से बाहर निकलने का संकेत माना गया. अब डिजिटल इंडिया के तहत बजट कागज रहित हो गया है, लेकिन लाल रंग की पहचान आज भी बजट से जुड़ी हुई है. इस तरह लाल रंग बजट के साथ इतिहास, संस्कृति और परंपरा- तीनों को जोड़ता है.
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