Cafe 3:मानकों पर साफ हो स्थिति, जानें कार निर्माता कंपनी ने अंतिम नोटिफिकेशन के बारे में सरकार से क्या कहा - Cafe 3 Standards Toyota Kirloskar Motor  fuel Efficiency India Carbon Emissions Vikram Gulati

Cafe 3:मानकों पर साफ हो स्थिति, जानें कार निर्माता कंपनी ने अंतिम नोटिफिकेशन के बारे में सरकार से क्या कहा - Cafe 3 Standards Toyota Kirloskar Motor  fuel Efficiency India Carbon Emissions Vikram Gulati

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भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग उत्सर्जन कम करने और ईंधन दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। इसी संदर्भ में, प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने सरकार से 'कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता' (CAFE) मानकों के अगले चरण के लिए अंतिम अधिसूचना जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया है। कंपनी का कहना है कि नियमों में स्पष्टता मिलने से उद्योग को अप्रैल 2027 की समयसीमा के लिए तैयारी करने में मदद मिलेगी। सरकार ने पिछले साल नवीनतम CAFE मानकों के लिए मसौदा नियम जारी किए थे, जो अप्रैल 2027 से मार्च 2032 के बीच यात्री वाहनों की ईंधन खपत और कार्बन उत्सर्जन को विनियमित करेंगे।

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उद्योग को तैयारी के लिए चाहिए समय
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और कार्यकारी उपाध्यक्ष विक्रम गुलाटी ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि चूंकि CAFE 3 मानदंड 2027 से प्रभावी होने वाले हैं, इसलिए सरकार द्वारा अंतिम अधिसूचना जारी करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "अगर सरकार जल्द ही अंतिम अधिसूचना जारी कर दे तो यह बहुत अच्छा होगा, क्योंकि इससे हमें उस दिशा में काम करने के लिए स्पष्टता मिलेगी"। गुलाटी ने कहा कि यह विनियमन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह यात्री वाहनों के लिए कम कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित करता है। विज्ञापन विज्ञापन

ऊर्जा विकल्पों के साथ तालमेल की जरूरत
टोयोटा के शीर्ष अधिकारी ने सुझाव दिया कि नए मानकों को सरकार के अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ तालमेल में होना चाहिए। गुलाटी ने कहा, "हमारा मानना है कि इस विनियमन को वैज्ञानिक रूप से इथेनॉल और कंप्रेस्ड बायो गैस  जैसी कम कार्बन वाली वास्तविकताओं और ऊर्जा प्रतिस्थापन को ध्यान में रखना चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए"। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्य निर्धारित करते समय मानकों को महत्वाकांक्षी होने के साथ-साथ यथार्थवादी भी होना चाहिए।

छोटी कारों पर उद्योग में मतभेद
CAFE 3 के प्रस्तावित ढांचे के तहत छोटी पेट्रोल कारों के लिए विशेष राहत और इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों के लिए मजबूत प्रोत्साहन की बात कही गई है। हालांकि, इस मुद्दे पर उद्योग एकमत नहीं है। टाटा मोटर्स सहित कुछ वाहन निर्माता वजन और सामर्थ्य के आधार पर CAFE-III मानदंडों के तहत छोटी कारों के लिए किसी भी नरमी का विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनियों का तर्क है कि नए मानदंडों के पीछे का विचार बड़ी कारों की ईंधन दक्षता में सुधार करना और उत्सर्जन को कम करना होना चाहिए। चूंकि टोयोटा छोटी कारों के खंड में काम नहीं करती है, इसलिए विक्रम गुलाटी ने इस खास विवाद पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

क्या हैं CAFE मानक?
CAFE मानदंड, जो 2017 में शुरू हुए थे, एक कार निर्माता के पूरे बेड़े की औसत ईंधन खपत और CO2 उत्सर्जन पर एक सीमा निर्धारित करते हैं। इसका उद्देश्य कार निर्माताओं को अपनी समग्र ईंधन दक्षता में सुधार करने और उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रेरित करना है। वर्तमान में CAFE 2 चरण चल रहा है, जो 2022 में शुरू हुआ था। अगला चरण, CAFE 3, अप्रैल 2027 से शुरू होने की संभावना है। इसके लिए बिजली मंत्रालय के तहत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने पिछले साल सितंबर में फीडबैक के लिए मसौदा विनियमन जारी किया था, जिस पर विभिन्न हितधारकों के बीच चर्चा चल रही है। टोयोटा की इस मांग से साफ है कि वाहन निर्माता भविष्य की नियामक चुनौतियों से निपटने के लिए एक स्थिर नीतिगत ढांचे की तलाश में हैं। अप्रैल 2027 की समयसीमा नजदीक आने के साथ, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार उद्योग के विभिन्न वर्गों के परस्पर विरोधी विचारों को कैसे संतुलित करती है और अंतिम अधिसूचना कब जारी करती है।

 

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