कोरबा:रसोई में फन फैलाए बैठा था नाग, सिलेंडर पर नजर पड़ते ही महिला की निकली चीख, टीम ने किया रेस्क्यू - Cobra Was Found Sitting With Its Hood Spread In The Kitchen Woman Screamed When She Spotted It Near The Gas Cy
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कोरबा में नगर निगम इलाके के सिंगापुर क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक घर की रसोई में उस समय हड़कंप मच गया जब सिलेंडर के पीछे फन फैलाए एक नाग बैठा मिला। अचानक फुंकार की आवाज सुनकर घर की महिला अर्चना कंवर घबरा गईं। फन वाले नाग को देखते ही समझ गईं कि यह बेहद जहरीला कोबरा है। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया, लेकिन किसी में भी इतने खतरनाक सांप को निकालने का साहस नहीं हुआ।
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इसके बाद वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम 'नोवा नेचर' के जितेंद्र सारथी को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी सावधानी और कुशलता के साथ लगभग 5 फुट लंबे कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। विशेष उपकरणों की मदद से सांप को पकड़कर एक थैले में सुरक्षित रखा गया, जिससे घर के सदस्यों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू के बाद नाग को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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किचन में सांप मिलने का पूरा घटनाक्रम
मकान मालकिन अर्चना कंवर ने बताया कि रोज की तरह सुबह नाश्ता बनाने के लिए वह किचन में गईं थीं। गैस चालू करते समय उन्हें अचानक फुंकार की आवाज सुनाई दी। पहले उन्हें लगा कि यह गैस की आवाज होगी, लेकिन बार-बार आवाज आने पर उन्होंने झांक कर देखा तो एक फन फैलाए नाग को बैठा पाया। उसे देखकर वह तत्काल चिल्लाते हुए घर से बाहर निकलीं और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। लोगों ने भी सांप को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। तब जाकर स्नेक कैचर को बुलाया गया।
स्नेक कैचर ने दी महत्वपूर्ण जानकारी और अपील
स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि पकड़ा गया सांप 5 फुट लंबा कोबरा था, जिसमें काफी जहर होता है। उन्होंने बताया कि कोबरा के डसने पर समय रहते इलाज न मिलने पर मौत भी हो सकती है। इसलिए, यदि कोई सर्पदंश का शिकार होता है, तो तत्काल अस्पताल में उपचार कराना चाहिए, न कि झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कई बार झाड़-फूंक के चक्कर में लोगों की जान चली जाती है। उनकी संस्था इस संबंध में लगातार जन जागरूकता अभियान चला रही है, हालांकि कुछ लोग अभी भी अंधविश्वास में फंसे हुए हैं।
जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, सांप को नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग की रेस्क्यू टीम के हेल्पलाइन नंबर 8817534455 पर सूचना दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांपों को मारना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित बचाना और इंसानी बस्तियों से दूर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ना ही सही तरीका है।