Crowd Of Patients Suffering From Seasonal Diseases - Kushinagar News

Crowd Of Patients Suffering From Seasonal Diseases - Kushinagar News

पडरौना। मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। रविवार को जिले के पीएचसी में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में पहुंचे सर्वाधिक मरीज वायरल बुखार के मिले। मरीजों ने सर्दी, खांसी और जुकाम के अलावा शरीर में दर्द आदि की शिकायत की। डॉक्टरों ने उन्हें दवा देने के साथ सुबह-शाम पड़ रही ठंड से बचने की सलाह दी। उजारनाथ संवाद के अनुसार नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करमैनी में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में कुल 33 लोगों का इलाज हुआ। इसमें घुटनों के दर्द, खांसी, बुखार व पेटदर्द के सर्वाधिक मरीज पहुंचे थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. संजय कुमार ने बताया कि आरोग्य मेला में घुटनों के दर्द, सर्दी, खांसी व वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक थी। और पढ़ें loader Trending Videos यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
उन्होंने कहा कि ठंडी बढ़ने के वजह से ज्यादातर के घुटनों में दर्द, सर्दी, खांसी के मरीज पहुंचे थे। बदलते मौसम में खास कर श्वास, हृदय व रक्तताप के रोगियों के अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में मोहम्मद तुफैल (84), रफीक अली (40) आदि मरीजों की घुटनों में दर्द व खांसी थी। ऐसे मौसम में मरीजों की सख्या मै वृद्धि हो रही है। इस दौरान सलोनी श्रीवास्तव, जमील अहमद वारसी, रामजी कुशवाहा, अशोक कुशवाहा आदि मौजूद रहे। लक्ष्मीगंज संवाद के अनुसार न्यू पीएचसी लक्ष्मीगंज में आयोजित आरोग्य मेले में रविवार को कुल 30 मरीजों का इलाज किया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. संतोष कुमार नायक ने बताया कि आरोग्य मेला में सर्वाधिक मरीज मधुमेह के पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि महुअवा के महेंद्र हजाम, डीहटोला के रामबृक्ष मौर्य, गडुलहा के हरेंद्र गिरी, चारघरवा के तपसी खटीक को मधुमेह की शिकायत थी। विज्ञापन विज्ञापन
इसके अलावा नवीन शर्मा, धनंजय, अमन, हरिओम, नंदनी को खुजली की शिकायत थी। वहीं ओमप्रकाश, सुनीता शर्मा को टायफाइड की शिकायत थी। लैब टेक्निशियन तृप्ति ने बताया कि मधुमेह के आठ मरीज, चर्म रोग के सात मरीज, टायफाइड के सात मरीजों की जांच हुई। इसी तरह ब्लड की छह मरीजों की जांच, दो मरीजों का पेशाब की जांच, पांच मरीजों का मलेरिया बुखार की जांच की बुखार के सात मरीजों की और क्षयरोग के एक मरीजों की जांच की गई।

View Original Source