Cultural News Shimla - Shimla News
भगवान विष्णु को चंदन, पुष्प, फल, मिष्ठान, तुलसी दल, पंचामृत अर्पित करना शुभ
और पढ़ें
Trending Videos
यह वीडियो/विज्ञापन हटाएं
दशमी से नियमों का पालन करने से आती है सुख-समृद्धी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल जया एकादशी व्रत माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस साल जया एकादशी 29 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से विजय और सफलता की प्राप्त होती है।
इस दिन भगवान विष्णु को चंदन, पुष्प, फल, मिष्ठान, तुलसी दल, पंचामृत अर्पित करना बहुत शुभ होता है। इस व्रत को करने के लिए दशमी तिथि से ही नियमों का पालन करना फलदायी होता है और सुख-समृद्धी की प्राप्ति होती है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 जनवरी को शाम 04:34 बजे से शुरू होगी और 29 जनवरी को दोपहर 01:56 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि को आधार मानते हुए जया एकादशी 29 जनवरी को मनाई जाएगी। इस व्रत के पारण का मुहूर्त 30 जनवरी को सुबह 7:09 से 11:17 बजे तक रहेगा। गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि इस एकादशी तिथि को भौमि एकादशी भी कहा जाता है। बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धापूर्वक इस व्रत का पालन करने से व्यक्ति मृत्यु के बाद भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है। कहा कि इस वर्ष जया एकादशी पर इंद्र और रवि योग बन रहे हैं जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन