Cyber Crime:साइबर ठगों के झांसे में फंसे लोग, खुद ही ट्रांसफर कर दिए रुपये; भूलकर भी न करें ये गलतियां - People Fell Into The Trap Of Cyber Fraudsters And Transferred The Money In Bareilly

Cyber Crime:साइबर ठगों के झांसे में फंसे लोग, खुद ही ट्रांसफर कर दिए रुपये; भूलकर भी न करें ये गलतियां - People Fell Into The Trap Of Cyber Fraudsters And Transferred The Money In Bareilly

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बरेली के कोतवाली इलाके में कुमार सिनेमा के पास रहने वाले फर्नीचर व्यापारी अजीम कुरैशी से साइबर ठगों ने ठगी कर ली। पीड़ित व्यापारी ने कोतवाली प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम को बताया कि उनके व्हाट्सएप पर सोफा खरीदने का मेसेज आया। मेसेज के बाद सोफे के सैंपल भेजने के लिए कहा गया। सोफा पसंद कर रुपये ट्रांसफर करने के लिए खाता नंबर पूछा। 

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अजीम के मोबाइल फोन पर रुपये खाते में आने के तीन मेसेज आए। इसके बाद ठग बोला कि गलती से रुपये अधिक पहुंच गए हैं। अजीम ने बिना बैलेंस देखे जल्दबाजी में 87000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें पता लगा कि उनके खाते में रुपये आए ही नहीं थे। पीड़ित ने कोतवाली में अजीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। विज्ञापन विज्ञापन

टेलीग्राम पर सर्वे के नाम पर की ठगी
नवाबगंज के मोहल्ला नीमगढ़ निवासी अंकित सक्सेना ने साइबर थाना प्रभारी डीके शर्मा को बताया कि उनकी टेलीग्राम आईडी पर मेसेज आया था। मेसेज करने वाले ने उन्हें सर्वे करने और इसके बदले मोटा मुनाफा मिलने का झांसा दिया। रोहित जायसवाल नाम के ठग ने टेलीग्राम पर सर्वे करने के नाम पर 7 लाख 14 हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी मांगे। रोहित जायसवाल द्वारा दी गई यूपीआईडी पर अंकित ने यह रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद ठग चार लाख रुपये और मांगने लगा। तब अंकित को साइबर ठगी होने का अहसास हुआ। उन्होंने इसकी रिपोर्ट साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई है। थाना प्रभारी डीके शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

रुपये दोगुने करने का झांसा देकर ठगी

भुता निवासी अरविंद पांडेय ने इसी तरह की ठगी की रिपोर्ट साइबर थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि एक रिश्तेदार बनकर ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर कॉल की। उसने रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। वह उसे रिश्तेदार समझकर उसकी बातों में आ गए। ऐसा करने पर उनके 656300 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो देर हो चुकी थी। थाना प्रभारी डीके शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

ये बरतें सावधानी किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें। किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है। किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं। किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें। वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें। रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है। फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें। ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें। ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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