DeepSeek AI Model China,कुछ महीनों में चीन पकड़ लेगा अमेरिका का गला! Elon Musk के बाद Google ने भी माना AI के क्षेत्र में दिखेगा दबदबा - after elon musk google deepmind demis hassabis on china ai technology just months behind us - Ai reports News
चीन की AI तकनीकी को देखकर गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हासाबिस ने कहा है कि चीन के AI मॉडल अमेरिका और पश्चिमी देशों से बस कुछ ही महीने पीछे हो सकते हैं। इसका मतलब है कि चीन, एआई टेक्नोलॉजी के मामले में जल्द ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के मॉडल को पीछे छोड़ सकता है। यह राय उन लोगों से बिल्कुल अलग है जो मानते हैं कि चीन अभी बहुत पीछे है। इससे पहले एलन मस्क ने भी अमेरिका को एआई और रोबोट्स के मामले में सावधान किया था। उन्होंने भी कहा था कि चीन तेजी से इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
कुछ महीनों में अमेरिका के बराबर आ जाएगा चीन
CNBC के एक नए पॉडकास्ट 'द टेक डाउनलोड' में डेमिस हासाबिस बताया कि चीन के AI मॉडल, अमेरिका और पश्चिमी देशों की क्षमताओं के पास आ गए हैं, शायद उतना जितना हमने एक-दो साल पहले सोचा भी नहीं था। हासाबिस ने कहा, "शायद वे इस समय बस कुछ ही महीने पीछे हैं। इसका मतलब है कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के एआई मॉडल्स की क्षमताएं कुछ महीनों में चीन के एआई मॉडल में मिलने वाली है।बता दें कि लगभग एक साल पहले, चीन की AI लैब डीपसीक (DeepSeek) ने एक ऐसा मॉडल पेश किया था, जिसने बाजारों में हलचल मचा दी थी। यह मॉडल कम एडवांस चिप्स और कम लागत पर भी बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहा था। चीन की बड़ी टेक कंपनियां जैसे बायडू, टेनसेंट, अलीबाबा और मूनशॉट AI और जिपू जैसी स्टार्टअप्स ने भी बहुत अच्छे मॉडल पेश किए हैं।
क्या ट्रांसफर जैसी खोच कर पाएगा चीन?
हासाबिस का कहना है कि भले ही चीन पकड़ बना रहा हो, लेकिन देश की कंपनियां अभी तक AI में नई खोजें करने की अपनी क्षमता नहीं दिखा पाईं हैं। हासाबिस ने कहा, "सवाल यह है कि क्या वे मौजूदा सीमा से आगे कुछ नया आविष्कार कर सकते हैं? मुझे लगता है कि उन्होंने दिखाया है कि वे पकड़ बना सकते हैं... और सीमाएं लांगने के बहुत करीब हो सकते हैं... लेकिन क्या वे वास्तव में कुछ नया आविष्कार कर सकते हैं, जैसे कि एक नया ट्रांसफार्मर... जो सीमाओं से आगे निकल जाए? मुझे नहीं लगता कि यह अभी तक दिखाया गया है।"
गूगल के वैज्ञानिक की खाज था ट्रांसफर्मर
बता दें कि ट्रांसफार्मर 2017 में गूगल के रिसर्चर द्वारा की गई एक वैज्ञानिक खोज थी। इसी पर आधारित बड़े भाषा मॉडल हाल के वर्षों में AI लैब्स द्वारा बनाए हैं, जिनमें ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी (ChatGPT) और गूगल के जेमिनी (Gemini) शामिल हैं।
एनवीडिया के सीईओ Jensen Huang ने भी पिछले साल कहा था कि अमेरिका AI की दौड़ में बहुत आगे नहीं है। हुआंग ने कहा था कि चीन ऊर्जा के मामले में हमसे बहुत आगे है। हम चिप्स के मामले में बहुत आगे हैं। वे इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में हमारे साथ हैं। वे AI मॉडल के मामले में हमारे साथ हैं।